नागौर

Rajasthan: अब नागौर और डीडवाना में प्रसूताओं की मौत, परिजनों का आरोप- नर्सिंगकर्मियों की लापरवाही से गई जान

नागौर-डीडवाना में दो प्रसूताओं की मौत से हड़कंप मच गया। नागौर के जेएलएन अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद रूकमा (21) की तबीयत बिगड़ने पर जोधपुर रेफर किया गया, एंबुलेंस में बैठाते समय उसकी मौत हो गई। डीडवाना के बांगड़ अस्पताल में मोनिका (22) और गर्भस्थ शिशु की प्रसव के दौरान मौत हो गई।

2 min read
Jun 23, 2026
JLN hospital Nagaur Delivery Death Case
प्रसूता रूकमा और प्रसूता की मौत के बाद नवजात को उठाए महिला (पत्रिका फोटो)

JLN hospital Nagaur Delivery Death Case: नागौर: जेएलएन जिला चिकित्सालय की एमसीएच विंग (पुराना अस्पताल) में सोमवार शाम को कांटिया गांव निवासी प्रसूता रूकमा की जोधपुर रेफर करते समय मौत हो गई। परिजनों ने नर्सिंग स्टॉफ और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे तथा परिजनों से समझाइश कर शव को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने के लिए कहा, लेकिन देर रात तक परिजन राजी नहीं हुए।

बता दें कि मामला बढ़ता देख डीएसपी जतिन जैन मौके पर पहुंचे। बाद में देर रात शव मोर्चरी में रखवाया। उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि कांटिया निवासी रूकमा की सोमवार सुबह करीब 9 बजे नॉर्मल डिलीवरी हुई, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। शाम को प्रसूता ने चेस्ट पेन की शिकायत की तो ड्रीप चढ़ाई और दर्द कम करने के लिए सामान्य इंजेक्शन लगाए, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर जोधपुर रेफर किया, एंबुलेंस में बैठाते समय उसकी मौत हो गई।

आरोप: नर्सिंगकर्मियों ने लापरवाही बरती

प्रसूता के साथ जो महिलाएं थी, उनका आरोप था कि इंजेक्शन लगाने के बाद रूकमा की तबीयत ज्यादा खराब हुई। दर्द की शिकायत की तो नर्सिंगकर्मियों ने एक के बाद एक तीन-चार इंजेक्शन लगाए, जिससे तबीयत और बिगड़ गई। काकी ससुर मुन्नाराम ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि रूकमा की प्रसव के बाद तबीयत ठीक थी, लेकिन दोपहर बाद तबीयत बिगड़ने लगी।

इसके बाद डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी जोधपुर रेफर करने की बात कहने लगे। हमने पूछा क्या दिक्कत है तो बोले हमसे जितना हो सका, उतना कर दिया, अब जोधपुर ले जाओ।

बधाई के नाम पर रुपए लेने का आरोप

रूकमा की ननद साबू ने आरोप लगाया कि नर्सिंग स्टॉफ ने उनसे चार-पांच हजार रुपए बधाई के भी लिए। रूकमा ने पीठ में दर्द की शिकायत की तो दो इंजेक्शन लगाए। फिर भी दर्द कम नहीं होने पर नर्सिंगकर्मी बोले, जोधपुर ले जाओ।

डिलीवरी नॉर्मल थी, बाद में बिगड़ी तबीयत

नॉर्मल डिलीवरी के बाद प्रसूता ठीक थी, ब्लीडिंग भी नहीं थी। पेशाब भी किया, शाम को छाती में दर्द की शिकायत करने पर ड्यूटी डॉक्टर रजनीश ने देखी। प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज किया, लेकिन सुधार नहीं होने पर रेफर किया गया। रेफर के दौरान प्रसूता की मौत हो गई।
-डॉ. शैलेंद्र लोमरोड, लेबर रूम प्रभारी, एमसीएच विंग

नॉर्मल डिलीवरी हुई

नौ ​​बजे नॉर्मल डिलीवरी हुई, दिनभर ठीक थी। शाम को अचानक चेस्ट पेन की शिकायत की तो मैंने चेक किया। बीपी थोड़ा कम आ रहा था, इसके बाद ड्रिप लगाई और साधारण इंजेक्शन लगाया, जो यहां उपलब्ध है। हालांकि, सीवर रिपोर्ट में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक का मामला लग रहा है।
-डॉ. रजनीश, रेजिडेंट, एमसीएच विंग, जेल

Updated on:
23 Jun 2026 07:45 am
Published on:
23 Jun 2026 07:23 am