नागौर जिला स्टेडियम में उजागर होती जिम्मेदारों की लापरवाही
देवेन्द्र प्रताप सिंह/नागौर. जिला मुख्यालय स्थित राजकीय स्टेडियम में कुछ महीनों पहले दिल्ली से लाखों रुपए की दूब (घास) लाकर तैयार किए गए मैदान में खिलाडिय़ों व सामान्य लोगों के लिए ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा रखा है, जबकि पशुओं के की आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं है। स्टेडियम में यह नजारा मंगलवार सुबह देखने को मिला। संवाददाता जब स्टेडियम पहुंचा तो यहां तैयार किए गए हरी घास वाले मैदान में लोगों के जाने पर रोक लगाई हुई थी। लेकिन दर्जनभर पशु मैदान में बेसकीमती दूब खाने में लगे थे।
चारों ओर फैली गंदगी
खिलाडिय़ों के लिए तैयार किए गए घास के मैदान में काफी दिन से पशुओं द्वारा घास खाने से मैदान की सूरत बिगडऩे की सूचना मिल रही थी। स्टेडियम के दोनों बड़े गेटों से लेकर पूरे स्टेडियम में पशुओं द्वारा गंदगी की हुई थी। करीब दर्जनभर लावारिस पशु घास के मैदान में घुसे हुए थे। संवाददाता ने जब लापरवाही के इस नजारे को कैमरे में कैद किया तो स्टेडियम में मौजूद एक कर्मचारी ने पशुओं को स्टेडियम से भगाना शुरू किया।
खुद की लापरवाही डाल रहे दूसरों के सिर
इस दौरान स्टेडियम में मौजूद राजवीर नाम के कर्मचारी (ऑफिस बॉय) से पूछा कि आवारा पशु घास का मैदान बिगाड़ रहे हैं, इन्हें रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए क्याï? इस पर कर्मचारी ‘अपनों’ की लापरवाही संवाददाता पर ही डालने लगा उसका कहना था कि आपके द्वारा स्टेडियम का गेट खोलने पर ये लावारिस पशु अंदर आए हैं। तभी खेल अधिकारी हरिराम चौधरी मौके पर पहुंच गए। संवाददाता ने उन्हें पशुओं द्वारा दूब को नुकसान पहुंचाने व कर्मचारी द्वारा कही गई बात से अवगत कराया। साथ ही पुरानी गोबर दिखाकर बताया कि ये पशु काफी समय से स्टेडियम में आ रहे हैं।
काऊ कैचर लगावाएंगे
अभी दूब मैदान हमें हैण्डओबर नहीं किया गया है। फिर भी दूब मैदान को पशुओं से बचाने के लिए जल्द ही स्टेडियम के गेट के बाहर काऊ कैचर लगाए जाएंगे।
हरिराम चौधरी, जिला खेल अधिकारी, नागौर