अक्सर यह देखा जाता है कि रसूखदार राजनीतिक परिवारों के बच्चे राजनीति या बड़े व्यापार की राह चुनते हैं, लेकिन नागौर के बेनीवाल परिवार ने देश को एक नया रक्षक दिया है। आरएलपी (RLP) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के भतीजे और पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल के पुत्र प्रतीक बेनीवाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं।
राजस्थान की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले 'बेनीवाल परिवार' से एक ऐसी खबर आई है जिसने प्रदेश के युवाओं के सामने मिसाल पेश की है। खींवसर के पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल और आरएएस (RAS) सुमेश बेनीवाल के सुपुत्र प्रतीक बेनीवाल ने भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त कर लिया है। पासिंग आउट परेड (POP) के बाद प्रतीक अब भारतीय सेना में 'लेफ्टिनेंट' के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
प्रतीक बेनीवाल एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी रगों में राजनीति दौड़ती है।
भारतीय सेना की पासिंग आउट परेड के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिले। प्रतीक के पिता नारायण बेनीवाल ने खुद बेटे के कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजाए। इस गौरवमयी अवसर पर प्रतीक की माता आरएएस सुमेश बेनीवाल और उनकी दादी (हनुमान व नारायण बेनीवाल की माताजी) भी मौजूद रहीं। परिवार की तीन पीढ़ियों की मौजूदगी ने इस पल को और भी खास बना दिया।
भतीजे की इस उपलब्धि पर सांसद हनुमान बेनीवाल गदगद नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि नागौर और पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने प्रतीक को बधाई देते हुए कहा कि सेना में जाकर देश सेवा का मार्ग चुनना युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
आज के दौर में जहां 'वंशवाद' की राजनीति पर चर्चा होती है, वहां प्रतीक बेनीवाल का उदाहरण यह साबित करता है कि हर किसी की राह एक जैसी नहीं होती। कोई राजनीति में जाकर समाज की सेवा करता है, तो कोई वर्दी पहनकर सरहद पर देश की रक्षा करता है। प्रतीक की यह सफलता राजस्थान के उन युवाओं को प्रेरित करेगी जो प्रभावशाली परिवारों से होने के बावजूद अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।