नागौर

रामकिशन महाराज का निधन, सांड से टकराने के बाद ट्रक से भिड़ी कार, सुजानगढ़ में चातुर्मास पूरा कर जोधपुर लौट रहे थे

Sant Ramkishan Maharaj Dies: सुजानगढ़ में चातुर्मास पूरा कर जोधपुर लौट रहे रामस्नेही संप्रदाय के युवा संत रामकिशन महाराज का सड़क हादसे में निधन हो गया। बीटन गांव के पास उनकी कार अचानक सांड से टकराने के बाद सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई।
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Aug 30, 2026
Sant Ramkishan Maharaj Death
महाराज की फाइल फोटो और मोर्चरी के बाहर खड़े लोग (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan Road Accident: राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर बीटन गांव की सरहद में देर रात सड़क हादसे में रामस्नेही संप्रदाय के युवा संत रामकिशन महाराज की मौत हो गई। अचानक सामने आए सांड से टकराने के बाद अनियंत्रित उनकी कार सामने से आ रहे ट्रक से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि संत की मौके पर ही निधन हो गया। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलने पर जसनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मेड़ता सिटी उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया।

पुलिस के अनुसार पाली जिले के निम्बाज रामद्वारा के संत सोहनराम महाराज के शिष्य रामकिशन महाराज (28) कार से जोधपुर जा रहे थे। रात के समय बीटन गांव की सरहद में अचानक सांड सामने आने से कार सांड से टकरा गई। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने संत को बाहर निकालने का प्रयास किया और हादसे की जानकारी पुलिस को दी। आसपास के लोग और हाइवे से गुजर रहे वाहन चालक मौके पर पहुंचे तथा पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। जसनगर पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से संत के शव को मेड़ता सिटी अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। शनिवार सुबह निम्बाज रामद्वारा से संत एवं श्रद्धालु मेड़ता पहुंचे। चिकित्सक डॉ. बलदेवराम सिहाग से पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव संतों को सौंप दिया।

चातुर्मास पूरा कर लौट रहे थे जोधपुर

बताया जाता है कि संत रामकिशन महाराज सुजानगढ़ में एक माह का चातुर्मास पूरा करने के बाद जोधपुर लौट रहे थे। चातुर्मास के दौरान वे धार्मिक अनुष्ठानों और प्रवचन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल रहे थे। कार्यक्रम पूरा होने के बाद वे जोधपुर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। वे रामस्नेही संप्रदाय की खेड़ापा मुख्य पीठ के अंतर्गत आने वाले निम्बाज रामद्वारा के संस्थापक संत राघवदास महाराज के शिष्य सोहनराम महाराज के अनुयायी थे। युवा संत के असमय निधन की खबर से निम्बाज सहित रामस्नेही संप्रदाय की प्रमुख पीठों में शोक की लहर छा गई।

Updated on:
30 Aug 2026 09:17 am
Published on:
30 Aug 2026 08:42 am