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राजस्थान में सामने आया राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसा मामला, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

राजस्थान के बुटाटी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री चतुरदास महाराज मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों पर न्यायालय के आदेश पर गबन और हिसाब में गड़बड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जानें पूरा मामला-
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Butati Dham Temple

बुटाटी धाम मंदिर में करोड़ों के गबन का मामला (पत्रिका फोटो)

कुचेरा। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद राजस्थान के प्रसिद्ध बुटाटी धाम मंदिर में करीब 22 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। बुटाटी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री चतुरदास महाराज मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों पर न्यायालय के आदेश पर गबन और हिसाब में गड़बड़ी कर सम्पत्ति के दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इसमें समिति के निर्वतमान अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ पुत्र चंदन सिंह निवासी बुटाटी को नामजद किया गया है। समिति के अन्य पदाधिकारियों सहित सभी पर करीब 22 करोड़ रुपए के गबन करने के आरोप लगाए गए है।

ग्रामीण जयपाल सिंह राठौड़, सुशील चोयल, सुखराम चोयल, कानाराम भाणवाल आदि की ओर से प्रस्तुत परिवाद पर पुलिस थाना कुचेरा में मुकदमा दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318 (4), 316 (5), 336 (2), 338, 305 (ए) एवं 61 (2) के अंतर्गत दर्ज इस मामले की जांच शुरू की गई है।

नकदी व सोने-चांदी का गबन

परिवाद में आरोप लगाया कि देवेंद्र सिंह राठौड़ तीन वर्षों तक श्री चतुरदास महाराज मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष के रूप में मंदिर के प्रबंधन, व्यवस्था, बैंक खातों, दान पेटियों, रसीद पुस्तकों, खरीद, भुगतान एवं लेखा-अभिलेखों से संबंधित कार्यों में प्रभावी भूमिका में रहे। इस कार्यकाल की जिला मजिस्ट्रेट नागौर की ओर से समिति गठित कर जांच कराई गई। इसमें कई गंभीर अनियमितता और गबन सामने आए है। इसमें करोड़ों रुपए की नकदी, सोना-चांदी आदि शामिल है।

यह गड़बड़ी की होने के आरोप

परिवाद में आरोप है कि प्रशासनिक जांच के दौरान समिति के संपूर्ण रिकॉर्ड को उपलब्ध नहीं करवाया गया। मंदिर की दानराशि और आय से संबंधित लेखा-जोखा, रसीदें, भुगतान एवं अन्य दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां सामने आई। करीब 40 लाख रुपए दान का लेखांकन नहीं होने, करीब 2219 रसीदों का रिकॉर्ड में उल्लेख नहीं होने, सोना-चांदी एवं अन्य बहुमूल्य सामग्री के रिकॉर्ड तथा वास्तविक उपलब्धता में अंतर पाए जाने के आरोप है।

जांच में करीब 35.500 किलोग्राम चांदी अतिरिक्त खरीदने के आरोप है। सोना-चांदी एवं बहुमूल्य संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार रुपए का परिवाद में उल्लेख है। आरोप है कि भोजनशाला निर्माण के नाम पर वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में करीब 49 लाख 49 हजार 693 रुपए दर्शाए गए, जबकि मौके पर यह खर्च नहीं दिखता। रसोई संचालन के नाम पर करीब 1 करोड़ 17 लाख 63 हजार 933 रुपए व्यय को भी संदिग्ध बताया गया है। ग्राम विकास पर खर्च, सीसी टीवी कैमरे खरीद, गौशाला समिति को दी राशि आदि में लाखों रुपए की अनियमितता के आरोप भी लगे है।

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