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राजस्थान के मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर ‘आधी रात’ हंगामा, जम्मू तवी-बांद्रा ट्रेन को 7 बार चेन पुलिंग करके रोका, जानें क्यों भड़के यात्री?

Merta Road Railway Station Incident:  जम्मूतवी-बांद्रा ट्रेन में मोबाइल चोरी पर भड़के यात्री। मेड़ता रोड स्टेशन पर 8 बार चेन पुलिंग कर 45 मिनट रोकी ट्रेन। जानिए पूरी घटना।
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merta road railway station train robbery passenger protest 2026

Merta Road Railway Station PIC

राजस्थान के नागौर जिले के अंतर्गत आने वाले प्रमुख रेलवे जंक्शन मेड़ता रोड स्टेशन पर सोमवार देर रात उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब जम्मूतवी से बांद्रा जाने वाली साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों ने चोरी की वारदातों से परेशान होकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोचों में सफर कर रहे यात्रियों के मोबाइल फोन और सामान लगातार चोरी होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने मेड़ता रोड प्लेटफॉर्म पर गाड़ी के रवाना होते ही एक के बाद एक लगातार 7 बार चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

इस घटना के कारण जम्मूतवी-बांद्रा ट्रेन लगभग 45 मिनट तक मेड़ता रोड स्टेशन पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों और रेलवे पुलिस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

कोच से गायब हो रहे थे मोबाइल, यात्रियों ने संदिग्ध महिला को दबोचा

मिली जानकारी के अनुसार, जम्मूतवी से बांद्रा जा रही साप्ताहिक ट्रेन सोमवार रात करीब 10.30 बजे मेड़ता रोड जंक्शन पहुंची थी। इस ट्रेन में एक धार्मिक संघ के 300 से अधिक यात्री आरक्षित और एसी डिब्बों में एक साथ यात्रा कर रहे थे।

यात्रा के दौरान कई यात्रियों ने पाया कि उनके महंगे मोबाइल फोन और कीमती सामान गायब हो रहे थे। यात्रियों का आरोप था कि बार-बार रेलवे हेल्पलाइन और जीआरपी को सूचित करने के बावजूद चलती ट्रेन में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। मेड़ता रोड स्टेशन पर यात्रियों ने अपनी मुस्तैदी से एक संदिग्ध महिला को चोरी के संदेह में पकड़ा और जीआरपी (GRP) के हवाले कर दिया।

प्लेटफॉर्म पर 7 बार चेन पुलिंग, RPF और GRP के साथ हुई गर्मागर्मी

स्टेशन से जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ने लगती, आक्रोशित यात्री तुरंत आपातकालीन ब्रेक (Chain Pulling) खींचकर ट्रेन को रोक देते। ऐसा एक-दो बार नहीं बल्कि लगातार 7 बार किया गया।

सूचना मिलते ही आरपीएफ निरीक्षक किशन सिंह, जीआरपी एएसआई रामेश्वरलाल बिश्नोई और स्टेशन अधीक्षक रूपचंद बैरवा तुरंत बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब अधिकारियों ने यात्रियों को समझाने का प्रयास किया, तो अपनी सुरक्षा और चोरी हुए सामान की बरामदगी को लेकर यात्रियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और गर्मागर्मी हो गई।

45 मिनट बाद शांत हुआ मामला, जोधपुर के लिए रवाना हुई ट्रेन

स्टेशन प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने यात्रियों को आश्वासन दिया कि पकड़ी गई संदिग्ध महिला से गहन पूछताछ की जाएगी और ट्रेन में सुरक्षा गश्त को बढ़ाया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों की समझाइश और लिखित शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बाद करीब रात 11.15 बजे यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद ट्रेन को जोधपुर की ओर सुरक्षित रवाना किया जा सका। इस पूरे घटनाक्रम के चलते ट्रेन अपने निर्धारित समय से 45 मिनट देरी से चली।

चलती ट्रेनों में सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने राजस्थान से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और नाइट गश्त की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पीड़ित यात्रियों का कहना है कि आरक्षित कोचों में अनाधिकृत लोगों का प्रवेश और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिस पर रेलवे प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए।