राजस्थान पत्रिका एवं साहित्य कला धर्म संस्कृति सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में रामलीला का मंचन
नागौर. युद्ध में जब लक्ष्मण को मूर्छा आती है तो भगवान श्रीराम के रूदन के मंचन ने दर्शकों का कलेजा चीर दिया। श्रीराम बार-बार लक्ष्मण की ओर देखते हैं । गालों पर बहती अश्रुधारा से उनके कलेजे की वेदना को मानो रामलीला कलाकारों ने सजीव कर दिया हो। राजस्थान पत्रिका एवं ‘साहित्य कला धर्म संस्कृति सेवा समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में शहर के रिगल टाकिज परिसर में गुरुवार को दस दिवसीय रामलीला मंचन के आठवें दिन इसी तरह के अलग-अलग दृश्यों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। सजीव दृश्यों के तहत जब अंगद-रावण का संवाद हुआ तो दर्शक आनंदित हो गए। रावण के अहम् को चीरते अंगद के शब्द मानो उसके पाण्डित्य को तिनका-तिनका कर रहे हो। आठवें दिन युद्ध में कुंभकरण के सजीव दृश्यों का भी मंचन किया गया। मंचन के दौरान पर्दे के पीछे अलग-अलग दृश्यों के दौरान ऑर्गन के जरिए सचिन ने संगीत दिया, जबकि डेह के भंवर ने तबले पर संगत की।
इन्होंने निभाई भूमिका....
समिति सचिव श्रद्धानंद तिवारी ने बताया कि रामलीला मंचन में नविका सोनी, वसुंधरा तिवारी, रमेष चौधरी, पूजा प्रजापत, पूनम, प्रकाश, वैभव दाधीच, सुरेन्द्र सोनी, ललिता सोनी, चंदन तिवारी, आकाष तिवारी, लक्ष्मी सोनी, करण, महेश प्रजापत, विनीता तिवारी, देव तिवारी, महेन्द्र, विषाल षर्मा, प्रमोद उपाध्याय, रिया उपाध्याय, स्वस्ति, स्वर्णलता उपाध्याय, अन्वेशा उपाध्याय, नेहा, विनोद, कृश्णा, दिनेष बंसल, अशोक कुमार, तनीश सोनी, डिम्पल शुक्ला, नेहा झंवर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई। इससे पहले रामलीला के मंचन के दौरान के शहरभर से पहुंचे श्रद्धालु कभी भाव-विभोर होते नजर आए तो कभी जय श्री राम व जय बजरंग बली के जयकारे लगाते नजर आए।
रावण का उपदेश आज
समिति सचिव तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को रावण पुत्र मेघनाथ, भाई अहिरावण सहित लंकापति रावण का वध के सजीव दृश्यों का मंचन किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्रीराम के आदेष पर लक्ष्मण महापण्डित रावण के पास जाकर उनसे उपदेश सुनेंगे।