संघ के संस्कारों का समाज में प्रकटीकरण कर रहे स्वयंसेवक
नागौर. जिला मुख्यालय पर विजयादशमी उत्सव पर शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। पथ संचलन से पहले खत्रीपुरा स्थित विद्यालय में शस्त्र पूजन किया गया। स्वयं सेवकों ने गणवेश में दण्ड व सामूहिक समता के शारीरिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। स्वयंसेवकों ने घोष-वादन के साथ पथ संचलन में कदमताल मिलाई। कार्यक्रम में जोधपुर प्रान्त के प्रान्त सह प्रचारक योगेन्द्र ने कहा कि स्वयंसेवक अपने समाज जीवन में संघ संस्कारों का प्रकटीकरण विभिन्न क्षेत्रों में कर रहे हैं। जैसे स्वच्छता, सामाजिक समरसता, जल संरक्षण, पौधरोपण, प्लास्टिक निषेध व शिक्षा आदि। उन्होंने कहा कि 92 वर्ष पहले संघ की स्थापना डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी। संघ का एक मात्र अधिष्ठान हिंदुत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि इस ध्येय को लेकर संघ निरन्तर आगे बढ़ता जा रहा है। सामाजिक समरसता के लिए एक श्मशान, एक तालाब और एक मन्दिर योजना पर आगे बढऩे की दिशा प्रदान की।
हर हिन्दू घर में हो शस्त्र पूजन
समाज के सभी क्षेत्रों में संघ की स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है। इसीलिए संघ का व्याप वनवासी, मजदूर, किसान, विद्यार्थी, राजनीति, शिक्षा व सेवा आदि क्षेत्रों में बढ़ता जा रहा है। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन सीमोल्लंघन की परम्परा भी रही है। उन्होंने शस्त्र पूजन की आवश्यकता बताते हुए हर हिन्दू घर में शस्त्र पूजन करने का आग्रह किया। साथ ही बताया कि संघ की एक घंटे की शाखा यह समाज को जोडऩे और संस्कारवान बनाने की अभिनव पद्धति है। आज संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी और अनुशासित संगठन है। समय समय पर हिन्दू समाज की जाग्रत शक्ति का प्रदर्शन भी हुआ है। चाहे वो राम सेतु विषय या अमरनाथ श्राइन बोर्ड का विषय हो, लेकिन हिन्दू समाज अब सब प्रकार के भेद से ऊपर उठकर एक हो रहा है। विदेशी ताकतों से मुकाबला करने के लिए हम सब चीनी माल का बहिष्कार करें तथा स्वदेशी उत्पादों का अधिकाधिक प्रयोग करें। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक स्वयंसेवक को अपने अंदर संघत्व जगाकर कार्य को गति देनी चाहिए।
कांकरिया स्कूल में पथ संचलन का समापन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व नायब तहसीलदार भंवरसिंह भाटी ने संघ के कार्यों की सराहना करते हुए संघ की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर केशवदास रामद्वारा के महंत जानकीदास उपस्थित थे। कार्यक्रम के बाद स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। संचलन खत्रीपुरा से रवाना होकर विजय वल्लभ चौराहा,दिल्ली दरवाजा, गांधी चौक, सदर बाजार, मच्छियों का चौक, बंशीवाला मन्दिर, बाठडिय़ा का चौक, पित्तिवाड़ा, नया दरवाजा, बाड़ी कुआ, नकाश दरवाजा, रेलवे स्टेशन चौराहा होते हुए कांकरिया विद्यालय में समापन हुआ।
अलाय में निकाला पथ संचलन
निकटवर्ती गांव अलाय में विजय दशमी के अवसर पर आरएसएस का शस्त्र पूजन व पथ संचलन निकाला गया। मूलसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में निकाले गए पथ संचलन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह था। पथ संचलन का विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पॉलिटेकनिक कॉलेज बीकानेर के प्राचार्य डॉ. देवाराम गोदारा ने शस्त्र पूजन व बुराई पर सच्चाई की जीत के बारे में बताया।