सरकार ने कहा, निजी स्कूलों ने फीस निर्धारण कमेटी गठित नहीं की तो करेंगे मान्यता रद्द
देवेन्द्र प्रताप सिंह/नागौर. राज्य के निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग पिछले चार साल से जिला व स्कूल स्तर पर फीस निर्धारण कमेटी गठित करने के आदेश जारी कर रहा है। इसके बावजूदआलम ये है कि जिले में अभी भी 11 सौ से अधिक स्कूल में फीस निर्धारण कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। हाल ही में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने निजी स्कूलों को समय रहते कमेटी का गठन नहीं करने पर मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी है। नागौर जिले में प्रारम्भिक व माध्यमिक शिक्षा के 1500 से अधिक रजिस्टर्ड निजी विद्यालयों में से अभी तक 1100 से अधिक स्कूलों में फीस निर्धारण कमेटी का गठन नहीं किया गया है। जिसमें प्रारम्भिक शिक्षा के डेगाना व खींवसर ब्लॉक को छोडक़र जिले भर में करीब 715 स्कूल हैं। इनमें से 356 स्कूल में फीस निर्धारण कमेटी का गठन किया जाना बताया जा रहा है, जबकि 359 स्कूल ऐसे हैं जिनमें कमेटी का गठन नहीं किया गया है। इधर, माध्यमिक शिक्षा की बात करें तो माध्यमिक प्रथम डीईओ कार्यालय क्षेत्र में आने वाली रजिस्टर्ड 326 में से 271 व माध्यमिक द्वितीय डीईओ कार्यालय क्षेत्र के 421 में से 391 स्कूलों में इस कमेटी का गठन नहीं किया गया है। हाल यह है कि सोमवार को जब आरटीई के एपीसी बाबूलाल निर्मल से फीस गठन वाले विद्यालयों को सूचना मांगी तो शाम तक जानकारी देने के लिए टालते रहे। यही नहीं उन्होंने माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों की कोई सूचना नहीं होने की बात कही। प्रारम्भिक शिक्षा के दो ब्लॉक की जानकारी भी वो मुहैया नहीं करवा पाए। इससे पता चलता है कि फीस निर्धारण कमेटी के गठन को लेकर विभागीय अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।
छह माह पहले होना था गठन
शिक्षा विभाग के एक्ट में प्रावधान है कि निजी स्कूलों में शैक्षिक सत्र शुरू होने से कम से कम ६ महीने पहले प्रस्तावित फीस स्कूल प्रबंधन को अनुमोदन के लिए फीस कमेटी में प्रस्तुत करनी होती है। यदि एक अप्रेल को स्कूल शुरू होती है तो फीस तीस सितम्बर से पहले कमेटी के समक्ष आ जानी चाहिए। इसके बाद कमेटी को एक माह में इसका अनुमोदन कर स्कूल नोटिस बोर्ड पर चस्पा करनी होती है। साथ ही स्कूल की वेबसाइट पर भी जारी करनी होती है। यह फीस तीन साल तक के लिए लागू रहती है।
ब्लॉकवार निजी स्कूलों की स्थिति
ब्लॉक स्कूल कमेटी
मूण्डवा 47 40
नागौर 92 30
मकराना 58 35
मौलासर 40 16
परबतसर 59 26
मेड़ता 140 69
रिया 56 42
जायल 52 8
नावां 28 12
कुचामन 54 54
लाडऩू 49 0
डीडवाना 48 24
आरटीई पुनर्भरण राशि रोक ली जाएगी
फीस निर्धारण कमेटी का गठन नहीं करने वाले स्कूलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी यदि वो कमेटी का गठन नहीं करते हैं तो इनका आरटीई के किए जाने वाली पुर्नभरण राशि रोक ली जाएगी।
रजिया सुल्ताना, डीईओ, प्रारम्भिक शिक्षा, नागौर
सरकार आदेश
जारी करे
&निजी स्कूलों में फीस निर्धारण एक्ट लागू करने से निजी स्कूलों का तो अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। इसलिए निजी स्कूल इसका विरोध करते हैं। सरकार कम से कम व अधिक से अधिक फीस तय कर दे। फीस निर्धारण कमेटी का गठन नहीं करने पर सरकार मान्यता रद्द करे तो हम तैयार हैं। सरकार आदेश तो जारी करे।
विनेश शर्मा, निजी स्कूल एसोसिएशन सचिव, नागौर