नागौर जिले में जायल के खियांला का ऐतिहासिक मायरा प्रसिद्ध है। हिन्दू समाज विशेषकर किसान कौमों में समय- समय पर बड़े मायरे देखने को मिलते हैं। लेकिन कुचेरा शहर के मुस्लिम समाज में भी गुरुवार को 1 करोड़ 38 लाख का मायरा भरा गया।
कुचेरा। नागौर जिले में जायल के खियांला का ऐतिहासिक मायरा प्रसिद्ध है। हिन्दू समाज विशेषकर किसान कौमों में समय- समय पर बड़े मायरे देखने को मिलते हैं। लेकिन कुचेरा शहर के मुस्लिम समाज में भी गुरुवार को 1 करोड़ 38 लाख का मायरा भरा गया। कुचेरा के कमलिया तेली मुस्लिम समाज के परिवार में यह मायरा भरा गया। एक करोड़ 38 लाख के मायरा में 15 तोला सोना, दो किलो चांदी, 21 लाख नगद और मारवाड़ मूण्डवा में सीमेंट फैक्ट्री के पास दो बीघा खेत भाइयों ने बहन को मायरा में दिया है।
जानकारी के अनुसार मूण्डवा निवासी शौकत खोखर, तारु मोहम्मद खोखर पुत्र शौकत, रुस्तम, अशफाक, रियाज, आर्यन ने अपनी बहन रुखसाना तगाला पत्नी बाबू अली तगाला को समाज के मौजीज लोगों की उपस्थिति में मायरा दिया। रुखसाना के पुत्र सिंकदर की गुरुवार को शादी थी।
मायरा एक सामाजिक रस्म है, जिसमें भांजे भांजियों की शादी में भाई और पीहर पक्ष की ओर से बहन को चुनरी ओढ़ाकर शादी में नगदी, गहने आदि बतौर शगुन दिया जाता है। आम तौर पर मुस्लिम समाज में सामान्य मायरा भरा जाता हैं, लेकिन खोखर परिवार की ओर से भरा गया मायरा काफी चर्चित रहा।