
नागौर। जिले के गोटन क्षेत्र से दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे एक होनहार छात्र की जिंदगी रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में थम गई। रोज की तरह सपनों को साकार करने की उम्मीद लेकर घर से निकला 20 वर्षीय अमित दाधीच कभी वापस नहीं लौट सका। चलती ट्रेन से गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नागौर जिले के टालनपुर निवासी अमित दाधीच जोधपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। सरकारी नौकरी पाने का सपना लेकर वह प्रतिदिन गोटन से जोधपुर ट्रेन के जरिए आवागमन करता था। रविवार सुबह भी वह अपने साथी विकास शर्मा के साथ ट्रेन संख्या 14804 जम्मूतवी-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सवार होकर जोधपुर के लिए रवाना हुआ था।
पुलिस के अनुसार सुबह करीब 8.15 बजे ट्रेन गोटन रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। स्टेशन से कुछ दूरी पर पहुंचते ही अचानक अमित चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और रेलवे पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद मेड़ता रोड जीआरपी थानाधिकारी भंवराराम डूकिया पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। तलाशी के दौरान मृतक के पास से जोधपुर-गोटन मार्ग का वैध रेलवे मासिक पास भी मिला, जिससे पुष्टि हुई कि वह नियमित रूप से पढ़ाई के लिए जोधपुर आता-जाता था।
पिता नथमल दाधीच की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के दादा बाबूलाल, रिश्ते के दादा हीरालाल समेत अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। रेलवे ट्रैक के पास परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें ढांढस बंधाया।
अमित अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। परिवार में उसकी दो छोटी बहनें हैं। बेटे के असमय निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है और हर कोई इस होनहार युवक की असमय मौत से स्तब्ध है।