जिला प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में आने का आरोप, छात्रों व जनप्रतिनिधियों ने किया प्रदर्शन
नागौर. माडीबाई राजकीय महिला महाविद्यालय खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने व पूर्व में छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को बीआर मिर्धा व महिला कॉलेज के छात्र-छात्राओं सहित छात्र संगठनों एबीवीपी, एनएसयूआई, एसएफआई, शिव सेना, विश्व हिन्दू परिषद, भाजपा व कांग्रेस से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने धरना- प्रदर्शन किया। बीआर मिर्धा कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेन्द्र दौतड़ के नेतृत्व में छात्रों ने शैक्षिक कार्यों का बहिष्कार कर कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस के नेताओं ने छात्रों को संबोधित करते हुए कॉलेज की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर उनका साथ देने का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि यदि जिला प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
आज आएगा कोर्ट का फैसला
अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से नागौर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने उन्हें चार दिन का समय देते हुए मंगलवार तक खुद के स्तर पर मामले को निपटाने की बात कही थी, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने पर बुधवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। मंगलवार को किए गए धरना प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य प्रेमसुख कड़वासरा, शिव सेना प्रदेश प्रमुख ओम चौधरी, कांग्रेसी नेता प्रेमसुख जाजड़ा, भाजपा नेता लक्ष्मीनारायण मुण्डेल, पूर्व सरपंच ओमप्रकाश ईनाणियां, एडवोकेट गोविन्द कड़वा, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र डूकिया, पूर्व अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा, अर्जुन गहलोत, मिर्धा कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेन्द्र दौतड़, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रणजीत धोलिया, छात्रनेता रोहित चौधरी, सुभाष धोलिया, सुरेन्द्र फिड़ौदा, दिनेश बेड़ा, हनुमान लोमरोड़, कैलाश रूणवाल, दीनाराम डिडेल, छात्राओं में माडीबाई महिला कॉलेज की अध्यक्ष संतोष खुडख़ुडिय़ा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रेखा बेड़ा, मनीषा चौधरी, मोनिका पंवार, धापू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
निर्णय के बाद क्यूं नहीं हटाया अतिक्रमण
छात्रनेताओं व जनप्रतिनिधियों का कहना था कि अतिक्रमण हटाने को लेकर हाल ही में कलक्टे्रट सभागार में कलक्टर कुमारपाल गौतम, एसपी परिस देशमुख व विधायक हबीबुर्रहमान की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बैठक हुई थी। बैठक में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद खुद कलक्टर व विधायक ने निर्णय दिया था कि कॉलेज की जमीन से अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया जाना यह साबित करता है कि जिला प्रशासन राजनीतिक दबाव में आकर कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे छात्रों, कई संगठनों के पदाधिकारियों व नागरिकों में रोष व्याप्त है। शिव सेना के प्रदेश प्रमुख ओम चौधरी ने कहा कि यदि जिला प्रशासन द्वारा समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो २३ अक्टूबर को शिव सेना द्वारा हुंकार रैली व आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला संयोजक मनीष काला के नेतृत्व में कलक्टर को ज्ञापन देकर कॉलेज की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई करने, कॉलेज जमीन से अतिक्रमण हटाने व छात्रों पर लगाए गए मुकदमे वापस लेने की मांग की है। इसी प्रकार विश्व हिन्दू परिषद के जिलामंत्री पुखराज सांखला, प्रतापसिंह राजपुरोहित, दिलीप बोथरा, सुखवीरसिंह भाटी ने कलक्टर को ज्ञापन देकर बताया कि यदि जिला प्रशासन द्वारा खुद के फैसले के अनुसार शीघ्र ही कॉलेज की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संगठन को मजबूरन धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा। एसएफआई के कॉलेज कमेटी संयोजक अशोक गोरचिया ने कलक्टर को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग
की है।