महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के चार सांसदों के गुरुवार को राजस्थान के मकराना के एक रिसोर्ट में आए होने की सूचना के साथ राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई। यहां पूर्व विधायक की आरके मार्बल फैक्ट्री में इन सांसदों के आने की पुष्टि फैक्ट्री संचालक ने स्वयं भी की है। हालांकि, उन्होंने उन्होंने किसी भी राजनीतिक गतिविधि या भाजपा में शामिल होने संबंधी चर्चाओं को लेकर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

नागौर। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के चार सांसदों के राजस्थान के मकराना स्थित एक रिसॉर्ट में ठहरने की खबर सामने आई। यह दावा शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने किया था। संजय राउत लगातार पार्टी के भीतर चल रहे कथित राजनीतिक दबाव और टूट को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) के चार सांसद मकराना स्थित आरके मार्बल फैक्ट्री में बने एक रिसॉर्ट में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि ये सांसद कुछ समय तक वहां रुके और फिर वापस रवाना हो गए। उनके अचानक आगमन और प्रस्थान ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
आरके मार्बल फैक्ट्री के संचालक और बीजेपी के पूर्व विधायक राकेश मेघवाल ने भी इस बात की पुष्टि की कि कुछ सांसद उनके परिसर में पहुंचे थे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसद यहां किसी राजनीतिक गतिविधि के लिए नहीं, बल्कि मार्बल खरीद से जुड़ी जानकारी लेने आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा पूरी होने के बाद सभी वापस लौट गए। राजनीतिक चर्चा या किसी दल में शामिल होने जैसी बातों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
इधर, इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ सूत्रों का दावा है कि यह दौरा केवल व्यापारिक नहीं था, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक समीकरण भी हो सकते हैं। चर्चा यह भी है कि शिवसेना (यूबीटी) के भीतर चल रहे मतभेद और संभावित टूट के बीच यह सांसद किसी महत्वपूर्ण रणनीतिक बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, हाल के दिनों में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर 9 में से 6 सांसदों के कथित रूप से अलग रुख अपनाने की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे में राजस्थान में चार सांसदों की मौजूदगी ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।
संजय राउत पहले ही दावा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी के सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया था कि सांसदों को 10-10 करोड़ का प्रलोभन देकर राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। इन बयानों के बाद से ही शिवसेना (यूबीटी) के भीतर तनाव और बढ़ गया है।
इधर, यह भी चर्चा है कि ये सांसद किसी पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजस्थान आए हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि मकराना के आसपास बगरू क्षेत्र में एक विवाह समारोह भी आयोजित था, जिसमें शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
फिलहाल, सांसदों की इस यात्रा को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। न तो इन सांसदों की ओर से कोई बयान आया है और न ही पार्टी नेतृत्व ने आधिकारिक रूप से किसी तरह की पुष्टि की है।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र और राजस्थान दोनों राज्यों की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहां संजय राउत लगातार पार्टी पर दबाव और तोड़फोड़ की राजनीति का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सांसदों की इस अचानक राजस्थान यात्रा ने नए राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाता है और क्या वास्तव में शिवसेना (यूबीटी) में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आता है या यह केवल अटकलों का हिस्सा बनकर रह जाता है।