तांगा दौड़ कमेटी ने केन्द्रीय मंत्री, कलक्टर व एसपी को सौंपे ज्ञापन, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सकारात्मक रिपोर्ट भिजवाने की मांग
नागौर. मुंदियाड़, खरनाल, कुम्हारी व रोल मेलों की ऐतिहासिक तांगा दौड़ को वापस शुरू कराने के प्रयास एक बार फिर तेज हो गए हैं। हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में मजबूती से पक्ष रखने के लिए कलक्टर द्वारा गठित तांगा दौड़ कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को केन्द्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी, कलक्टर कुमारपाल गौतम व पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख को ज्ञापन सौंपे। कमेटी सदस्य मुंदियाड़ सरपंच दिनेश फरड़ौदा, प्रेमसुख जाजड़ा, अलाबक्ष काबरा, फरीद खां व ओमप्रकाश चौधरी ने ज्ञापन में मंत्री एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि वे 16 अप्रेल को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक पक्ष रखे, ताकि जन-जन की आस्था एवं वर्षों पुरानी परम्परा को वापस शुरू करवाई जा सके। उधर, केन्द्री मंत्री सीआर चौधरी को कमेटी का ज्ञापन मिलने के बाद उन्होंने फोन पर एडीएम अशोक कुमार से बात की तथा सकारात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
तैयार करवाया कच्चा रास्ता
पशु क्रूरता को देखते हुए पशु कल्याण बोर्ड चैन्नई के निर्देशानुसार तांगा दौड़ कच्चे रास्ते पर ही आयोजित करवाई जा सकती है। इसको देखते हुए गत 6 अप्रेल को कमेटी सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों ने मुंदियाड़ से खरनाल एवं खरनाल से नागौर तक कच्चा रास्ता देखा था। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने सम्बन्धित सरपंचों को रास्ता ठीक करवाने के लिए कहा, जिस पर मुंदियाड़ सरपंच दिनेश फरड़ौदा ने तीन दिन तक जेसीबी चलाकर उखड़-खाबड़ रास्ते की ठीक करवाया तथा बीच में उगी झाडिय़ों को हटवाया।
तांगा दौड़ से जुड़ी है लोगों की आस्था
गौरतलब है कि जिले के मुंदियाड़ गांव में भरने वाले गजानंद जी के मेले, खरनाल में भरने वाले वीर तेजाजी के मेले तथा कुम्हारी उर्स व रोल शरीफ के उर्स के दौरान वर्षों से तांगा दौड़ आयोजित हो रही थी, जिसे तीन साल पहले हाईकोर्ट के आदेश पर बंद करवा दिया था। स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़ा मामला होने के कारण सरकार व स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी आगामी 16 अप्रेल को दुबारा सुनवाई है।
गत वर्ष गठित की थी कमेटी
मुंदियाड़, खरनाल, कुम्हारी-बासनी एवं रोल मेलों के दौरान वर्षों से होने वाली परम्परागत एवं सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता लिए हुए नागौर की ऐतिहासिक तांगा दौड़ फिर शुरू हो, इसका विधिक रास्ता निकले इसके लिए कलक्टर कुमार पाल गौतम ने गत वर्ष दिसम्बर में एक कमेटी का गठन किया था। गठन के बाद दिसम्बर में कमेटी की बैठक हुई और सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई, लेकिन तांगा दौड़ के पक्ष में मजबूत तथ्य पेश नहीं होने के कारण दुबारा सुनवाई के लिए 16 अप्रेल की तिथि दी है। अब 16 को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता ने कमेटी व प्रशासन से कुछ तथ्य मांगे हैं, जिसको लेकर 5 अप्रेल को एक बार फिर कमेटी की बैठक हुई।