
Bazaar open in Nagaur
नागौर. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के समर्थन में 10 अप्रेल को सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाह का नागौर जिला मुख्यालय पर कोई असर नहीं दिख रहा है। व्यापारियों ने रोजाना की तरह मंगलवार को भी सुबह करीब दस बजे दुकानें खोली। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं-कहीं दुकानदारों ने स्वेच्छा से तो कहीं एहतियातन दुकानें बंद रखी। वहीं 2 अप्रेल को भारत बंद के दौरान हुई तोडफ़ोड़ व आगजनी की घटनाओं को देखते हुए इस बार पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा की व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। जिले में 800 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया है। शहर के गांधी चौक, दिल्ली दरवाजा सहित अन्य क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है तथा पुलिस अधिकारी गश्त कर रहे हैं। एसपी परिस देशमुख ने बताया कि नागौर जिले में रिजर्व पुलिस, आरएसी के साथ पीटीएस किशनगढ़ से भी एक टुकड़ी बुलाई गई है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर पिछले काफी दिन से 2 अप्रेल को किए गए बंद के विरोध में 10 अप्रेल को बंद करने की अफवाह फैलाई जा रही थी, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने 7, 8 व 9 अप्रेल को थाना स्तर पर सीएलजी बैठकें आयोजित कर बंद के बारे में जानकारी ली तो कोरी अफवाह निकली। व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन नहीं किया। इसके चलते सोमवार को कलक्टर कुमारपाल गौतम व एसपी देशमुख ने बंद को अफवाह बताया था। कलक्टर गौतम ने बताया कि नागौर के आमजन, व्यापारी व कर्मचारियों सहित सभी वर्ग सोशल मीडिया पर भारत बंद को लेकर चल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। 10 अप्रेल को भारत बंद करने की सूचना तथ्यहीन है।
डीडवाना में रोडवेज ने रोकी बसें
जिले के डीडवाना कस्बे में बंद का आंशिक असर देखा गया। कई व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखी। वहीं रोडवेज ने लम्बी दूरी की गाडिय़ों को स्टैण्ड पर खड़ा करवा दिया। चालक व परिचालकों का कहना है कि वे तोडफ़ोड़ व मारपीट के डर से बसें नहीं ले जा रहे हैं। डीडवाना से लोकल रूट की बसों का ही संचालन हो रहा है। यही स्थिति कुचामन सिटी में देखने को मिली।
शिकायत पर होगी कार्रवाई
कलक्टर ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही बंद की खबरों को लेकर किसी भी सामाजिक संगठन ने जिला प्रशासन को इसके बारे में अवगत नहीं करवाया है। सभी व्यापारी निर्बाध रूप से अपना कामकाज करें। साथ ही प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हंै कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निगरानी रखें और आमजन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करें।
व्यापारी खुले रखें संस्थान
जिला पुलिस अधीक्षक परिस देखमुख ने भी भारत बंद की सूचना को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिन में जिले के प्रमुख शहरों और थाना क्षेत्रों में पुलिस एवं प्रशासन ने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सीएलजी सदस्यों की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। इन बैठकों में सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भारत बंद की सूचना को तथ्यहीन बताते हुए अपने संस्थान खुले रखने की बात कही।
Published on:
10 Apr 2018 11:42 am
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