
नागौर. वर्षों से मैथी की मनमाने तरीके से खरीद करने वाले व्यापारियों पर लगाम कसने लगी तो वे विरोध में उतर गए। राज्य सरकार द्वारा पान मैथी को नोटिफाई कमोडिटी में शामिल करने के बाद इस बार मंडी सचिव ने मैथी की खरीद खुली बोली के तहत करने के निर्देश दिए, जिसके विरोध में व्यापारियों ने एकराय होकर खरीद ही नहीं की। व्यापारियों द्वारा मैथी की खरीद नहीं करने पर गांवों से गाडिय़ों में मैथी लेकर आए किसान दिनभर परेशान होते रहे। शाम तक खरीद नहीं हुई तो 50 से अधिक किसान कलक्ट्रेट पहुंच गए तथा मैथी खरीद का समाधान निकालने की बात करने लगे। इसके बाद एसडीएम परसाराम टाक व मंडी सचिव दयानंदसिंह चौधरी ने किसानों से समझाइश करते हुए कहा कि सरकार ने किसान हित के लिए व्यापारियों पर अंकुश लगाया है, जिसके कारण परेशानी हो रही है। एक-दो दिन में इसका समाधान हो जाएगा, तब तक किसान संयम एवं धैर्य रखें। अधिकारियों की समझाइश के बाद किसान मैथी लेकर वापस लौट गए।
जानिए, क्या है पूरा मामला
मैथी व्यापारियों द्वारा खरीद में की जाने वाली मनमानी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने गत वर्ष मैथी को नोटिफाई कमोडिटी में शामिल करने के लिए अभियान चलाया था। पत्रिका अभियान के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कलक्टर ने सरकार को रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद सरकार ने बजट सत्र में मैथी को नोटिफाई कमोडिटी में शामिल करने की घोषणा की तथा मई में आदेश जारी कर दिए। सरकारी आदेश पर इस बार मंडी सचिव ने व्यापारियों को पाबंद करते हुए मैथी की खरीद खुली बोली लगाकर करने के निर्देश दिए। जिसके विरोध में व्यापारियों ने बुधवार को खरीद नहीं की।
किसान दिनभर होते रहे परेशान
मैथी बेचने आए किसान हमेशा की तरह सीधे व्यापारियों के पास पहुंच गए, जिन्हें व्यापारियों ने फल-सब्जी मंडी पहुंचने के लिए कहा। बुधवार को आए करीब 200 किसान सब्जी मंडी पहुंच गए, लेकिन शाम छह बजे तक कोई व्यापारी खरीद करने नहीं आया, जिसके बाद किसान गाडिय़ां लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गए।
आज नहीं होगी मैथी खरीद
मंडी सचिव दयानंदसिंह चौधरी ने बताया कि व्यापारियों द्वारा खुली बोली का विरोध करने के चलते गुरुवार को मैथी की खरीद बंद रहेगी। उन्होंने कहा कि गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति मैथी व्यापारियों एवं किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इसके चलते गुरुवार को खरीद प्रक्रिया बंद रखी गई है।
किसानों ने कहा - मनमानी पर अंकुश जरूरी
कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि व्यापारी मैथी खरीद में जमकर मनमानी करते हैं। खुली बोली में उन पर सरकारी नियंत्रण लग जाएगा, इसलिए वे खरीद करने नहीं पहुंचे। उनकी मजबूरी यह है कि वे मैथी को ज्यादा दिन घर में नहीं रख सकते और व्यापारी उनकी इसी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। किसानों ने कहा कि खरीद चाहे कैसे भी हो, लेकिन मंडी प्रशासन की निगरानी में होनी चाहिए।
हम करेंगे खरीद
व्यापारी मैथी खरीद में अब तक अपनी मनमर्जी करते आए हैं। अब उन पर नियंत्रण कसने लगा तो खरीद बंद कर दी, जो ठीक नहीं है। मंडी प्रशासन यदि को चाहिए कि वे मूण्डवा मंडी में मैथी की खरीद शुरू करवाएं। किसान हित के लिए हम खरीद करने को तैयार हैंं।
- प्रेमसुख कड़वासरा, जिला परिषद सदस्य व मैथी व्यापारी, नागौर
मुझे तो कुछ जानकारी नहीं
मैं तो जोधपुर आया हुआ हूं। मुझे कोई जानकारी नहीं है। कल वापस नागौर आने के बाद ही बात करके कुछ निर्णय लेंगे।
- रामस्वरूप चांडक, अध्यक्ष, मैथी पता सूखा साग व्यापार मंडल, नागौर
सख्ती से निपटेंगे
पान मैथी नोटिफाई कमोडिटी में शामिल हो चुकी है। सरकारी निर्देशानुसार मैथी की खरीद खुली बोली से ही होगी। बुधवार को हमने फल-सब्जी मंडी में खुली बोली करवाने के लिए व्यापारियों को बुलाया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। गुरुवार को एक बार फिर बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। इसके बाद भी व्यापारी नहीं माने तो सख्ती दिखाएंगे।
- दयानंदसिंह चौधरी, सचिव, कृषि उपज मंडी, नागौर