
Naxal Explosives Seized: नारायणपुर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में जुटे सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को चलाए गए एक विशेष सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने पदगुंडा-करसेनार के घने जंगलों में जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया नक्सलियों का हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा डंप बरामद किया।
ओरछा थाना क्षेत्र के पदमेटा कैंप से 44वीं वाहिनी आईटीबीपी और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी पर निकली थी। नक्सल मुक्त हो चुके इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए असलहों की खोज के लिए यह अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने जमीन में दबाकर रखा गया यह जखीरा खोज निकाला और सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की।
12 बोर रायफल - 1
12 बोर कारतूस - 55 नग
स्थानीय मोर्टार शेल (51 मिमी) - 4
लोहे के भाले - 25
बैटरी और स्टील कंटेनर - 1-1
माओवादी संगठन का झंडा - 1
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नारायणपुर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगी है। फिर भी, किसी भी खतरे से निपटने और जंगलों में छिपे बाकी असलहों की तलाश में सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग, विशेषकर नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और कांकेर जैसे जिले लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने लगातार संयुक्त अभियान चलाकर कई इलाकों में नक्सलियों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया है। इसके बावजूद नक्सली संगठन जंगलों में पहले से छिपाकर रखे हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग की सामग्री का इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहते हैं।
इसी वजह से सुरक्षा बल अब केवल नक्सलियों की तलाश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि 'एरिया डोमिनेशन' और 'ग्राउंड सर्च ऑपरेशन' के तहत जंगलों में जमीन के नीचे दबाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों की भी खोज कर रहे हैं। ऐसे अभियान नक्सलियों की भविष्य की रणनीति को कमजोर करने और उनकी हथियार आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के उद्देश्य से चलाए जाते हैं।