नर्मदापुरम

सतपुड़ा के जंगल में हाथियों की 7 दिन की छुट्टी, नदी में घंटों नहाएंगे और खाएंगे मनपसंद खाना

Satpura Tiger Reserve : 7 दिन के लिए अवकाश पर रहेंगे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 6 हाथी। एसटीआर के कामती के खरेर में लगाया गया कैंप।
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Updated: 15 Sep 2026, 1:31 PM IST
Satpura Tiger Reserve
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव की शुरुआत (फोटो सोर्स: Patrika)

Narmadapuram News :मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के अंतर्गत आने वाले सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगलों में भी गणेश उत्सव की शुरूआत हो गई है। कामती के खरेर कैंप में 7 दिवसीय हाथी कैंप जंगल गश्त में तैनात सभी हाथियों को लाया गया। 7 दिन हाथियों से कोई काम नहीं कराया जाएगा। पहले दिन हाथियों को स्नान करवा कर श्रृंगार किया गया। एसटीआर के अधिकारिेयों और कर्मचारियों ने हाथियों की पूजन कर आरती की। 7 दिन की छुट्टियों में हाथी प्रतिदिन मनपसंद भोजनकर पूरा दिन सिर्फ आराम करेंगे।

हाथियों के स्वास्थ्य, पोषण सहित समग्र कल्याण के लिए खरेर कैंप में 14 से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित महोत्सव में एसटीआर के हथिनी पूजा, मारीसा, प्रिया, हाथी अंजूगम, गजा को शामिल गया है। सभी को एक जगह पर रखकर प्रत्येक हाथी के खड़े होने बैठने की जगह निर्धारित की गई है। उनके सामने हाथी का नाम और उनकी विशेषताओं की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए गए हैं। कैंप में जबलपुर के वन्यजीव स्वास्थ्य संस्था और फॉरेंसिक विशेषज्ञों का सहयोग से हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण, लंबाई, ऊंचाई का माप, दांतों की ट्रिमिंग भी की जाएगी। महोत्सव में हाथियों के साथ मौजूद महावत, चाराकटरों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ कैंप में खेल, मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कैंप के समापन पर कबड्डी, रस्साकशी स्पर्धाएं कराई जाएंगी।

नदी में घटों में किया स्नान, अरंडी के तेल से हुई मालिश

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव की शुरुआत (फोटो सोर्स: Patrika)

7 दिन की छ्ट्टी पर आए हाथियों को महावतों ने पहले दिन नदी में घंटों स्नान कराया। नदी से बाहर आने पर महावतों ने अरंडी के तेल से हाथियों के पूरे शरीर की मालिश की। उनकी मांसपेशियों के स्पा किया गया है। प्रतिदिन हाथियों को नदी में स्नान कराया जाएगा।

मौसमी फसलों के साथ मल्टीग्रेन आटे के रोट मिलेंगे

महोत्सव में शामिल हाथियों की एसटीआर मेहमाननवाजी करेगा। हाथियों को रोजाना भरपेट गन्ना, मक्का, नारियल के साथ केला, ककड़ी, तरबूज, संतरे सहित मौसमी फल खिलाए जा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के अनाज की पौष्टिक मल्टी ग्रेन आटे के बने बड़े, बडे रोट सुबह शाम खिलाए जा रहे हैं। हाथियों की डाइट में गुड को शामिल किया गया है।

7 दिन हाथियों से नहीं कराया जाएगा काम

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव की शुरुआत (फोटो सोर्स: Patrika)

नर्मदापुरम एसटीआर की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा का कहना है कि, हाथी महोत्सव में सभी हाथियों से सात दिन तक कोई काम नहीं कराया जाएगा। उन्हें मौसमी फल खिलाए जाएंगे और घंटों स्नान कराया जाएगा। चिकित्सकों की टीम हाथियों को स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।

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15 Sep 2026, 1:31 PM IST
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