
Emotional Story Of Vilasa Sharma- नर्मदापुरम जिले के खापाखुर्द गांव में विलासा शर्मा को शुक्रवार को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विदाई दी गई। देवी दर्शन के लिए जाते समय बुदनी के पास दुर्घटना के बाद इनका ब्रेन डेड हो गया था। (फोटो पत्रिका)
Emotional Story Of Vilasa Sharma- एक घर में गम के आंसुओं का सैलाब था और दूसरे घरों में खुशियों के आंसू झलक रहे थे। नर्मदापुरम के में कभी इतनी पुलिस नहीं आई, लोग हैरान थे कि गरीब घर की इस महिला को सम्मान देने के लिए प्रशासन पुलिस बल के साथ क्यों मौजूद है। पूरा गांव हैरत में था। लेकिन जैसे-जैसे सभी को यह बात पता चलती गई, सभी की आंखें नम होने लगीं। शुक्रवार को सभी ने नम आंखों से महिला को विदाई दी।
खापाखुर्द गांव की इस महिला की जिंदगी चले जाने के बाद उसके परिवार में मातम है, लेकिन वो अब वो दूसरों के घरों में जिंदगी रौशन कर रही है। नर्मदापुरम बनखेड़ी के खापाखुर्द गांव की महिला विलासा तामसी शर्मा की जिंदगी तो नहीं बची, लेकिन वो तीन लोगों को नया जीवन दे गई। इस महिला को आखिरी बार सम्मान देने के लिए सभी एकत्र हुए थे। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सभी ने विदा किया।
इस महिला के परिवार का जज्बा ही था कि इतनी बड़ी दुख की घड़ी में उन्होंने कैसे हिम्मत जुटाई और उसके अंगदान का फैसला ले लिया। घर में जब मातम पसरा था, परिवार के सदस्यों को संभालना मुश्किल था, ऐसे में यह भी चुनौती थी कि परिवार ने अपने को खोने का दर्द भूलकर किसी अन्य व्यक्तियों के जीवन में मुस्कुराहट लाने का निर्णय किया।
30 साल की यह महिला का परिवार गहरे सदमे में है। डाक्टरों ने महिला को बचाने के काफी प्रयास किए, लेकिन सिर की गंभीर चोट के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। ब्रेन डेड घोषित करने के बाद भोपाल एम्स मे अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नर्मदापुरम जिले के खापाखुर्द गांव ले जाया गया था।
महिला के पति अखिलेश शर्मा कहते हैं कि पत्नी विलासा को खोने का दर्द शब्दों में नहीं बता सकते। हम सबके लिए यह कठिन दौर है। लेकिन उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि विलासा के अंगों से जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन मिल रहा है। विलासा की दोनों किडनी और लीवर निकालकर अंगदान की प्रक्रिया पूरी की। परिजनों के मुताबिक अन्य जरूरी अंगों के दान की प्रक्रिया भी हुई। विलासा अब अपने परिवार के बीच नहीं हैं, लेकिन विलासा के शरीर के अंग दूसरे परिवारों के जीवन में मुस्कुराहट बने रहेंगे।
विलासा के निधन की सूचना लगते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक छा गया। सम्मान के साथ विलासा की अंतिम विदाई देख हर आंख नम हो गई थीं। गार्ड ऑफ ऑनर ने इस पल को और भावुक बना दिया। एक परिवार ने अपना प्रिय व्यक्ति खो दिया, लेकिन दूसरे परिवारों को अपने प्रिय व्यक्तियों के साथ खुशी-खुशी जिंदगी बिताने का मौका मिल गया।
Updated on:
16 Oct 2026 05:06 pm
Published on:
16 Oct 2026 05:02 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
