नर्मदापुरम

एमपी में नवाचार, किसान कर सकेंगे अमरीकी पैशन फ्रूट का उत्पादन, आय बढ़ाने की तैयारी

Good News For MP Farmers: मध्य प्रदेश के उद्यानिकी विभाग का नवाचार, एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत नए बगीचे लगवा रहा विभाग, आय बढ़ाने के लिए विदेशी खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी
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Good News for MP Farmers
Good News for MP Farmers: उद्यानिकी विभाग का नवाचार, नए बगीचे तैयार करवा रहा विभाग, किसानों को प्रशिक्षण भी, आय बढ़ाने कर सकेंगे अमरीकी कृष्णाफल का उत्पादन. (फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

Good News for MP Farmers उद्यानिकी विभाग फलों की खेती में नवाचार करने जा रहा है। जिले में अमरीका में मिलने वाले पैशन फ्रूट (कृष्णा फल ) की खेती की तैयारी की जा रही है। किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। बीज भी दिए जाएंगे। साथ ही किसानों को एवोकाडो व अंजीर, ब्लूबेरी की खेती के लिए भी प्रेरित किया जा रहा। दरअसल, उद्यानिकी विभाग (Department of Horticulture) जिले में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत नए बगीचे लगवा रहा है। विभाग का कहना है, विदेशी फल की खेती का प्रयोग सफल होते ही किसानों की संया बढ़ाई जाएगी।

उद्यानिकी विभाग की योजना

नर्मदापुरम में अनाज-दलहनी फसलों के साथ ही पारंपरिक फल-सब्जी की खेती की जाती है। इसमें कोई नवाचार नहीं हुआ है। दूसरे प्रदेशों और विदेशी फलों को भी जिले की उपजाऊ जमीन पर पैदा किया जा सकता है। ऐसे में उद्यानिकी विभाग ने नए बगीचे लगाने की योजना बनाई है। किसानों को एक हेक्टेयर में कृष्णा फल, ब्लूबेरी, अंजीर लगाने को प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा किसान बगीचे में आम, अमरूद, अनार, सीताफल भी लगा सकते हैं।

पहली बार प्रयोग

जानकारी के मुताबिक, जिले में काली और नमी वाली मिट्टी ज्यादा है। यहां कृष्णा फल, एवोकाडो, ब्लूबेरी, अंजीर भी लगाए जा सकते हैं। ऐसे में पहले चरण में किसानों को कम रकबे में यह प्रयोग करने को कहा गया है। प्रयोग सफल होते ही विदेशी फलों के पौधे लगाने के लिए रकबा बढ़ाया जाएगा।

किसानों को होगी अतिरिक्त आय

देशभर के बाजारों में कृष्णा फल, एवोकाडो, ब्लूबेरी, अंजीर की मांग ज्यादा है। औषधि के साथ इन फलों का कई प्रकार से उपयोग किया जाता है। किसान इसकी फसल लगाएंगे तो उन्हें अतिरिक्त आय होगी।

दिया जा रहा अनुदान

जिले में कृष्णा फल, एवोकाडो, ब्लू बेरी, अंजीर लगाने अनुदान दिया जाएगा। यह प्रयोग जिले में पहली बार किया जा रहा है।

रीता उइके, डिप्टी डायरेक्टर, उद्यानिकी विभाग

Updated on:
16 Aug 2025 11:53 am
Published on:
16 Aug 2025 11:53 am