MP TET Controversy: शिक्षक पात्रता परीक्षा के अनिवार्य नियम पर भड़के बीजेपी सांसद, सरकार को दी चेतावनी...
MP TET Controversy: मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा (TET) अनिवारिय करने के फैसले का अब विरोध शुरू हो गया है। मामले के विरोध में अकेले शिक्षक नहीं बल्कि अब बीजेपी सांसद भी शिक्षकों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने केंद्र से TET अनिवार्यता पर पुनर्विचार की मांग की है। यही नहीं सांसद ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भी लिखा है।
नर्मदापुरम (होशंगाबाद) लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने यह विरोध जताया है। उन्होंने केंद्र से टेट परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है।
सांसद दर्शन सिंह ने मामले को लेकर तर्क दिया है कि मध्य प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों के हितों की रक्षा करना जरूरी है। ये वे शिक्षक हैं, जो पिछले 25 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और जिनकी नियुक्ति तत्कालीन सरकारी नियमों के अनुसार हुई थी।
सांसद ने पत्र में लिखा है कि ये वे शिक्षक हैं जिन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब इस तरह अचानक TET अनिवार्य करने से उनके सामने नौकरी जाने का खतरा पैदा हो गया है। इससे शिक्षक असमंजस में हैं और नौकरी के डर से भयभीत भी।
यही नहीं बीजेपी सांसद दर्शन सिंह ने केंद्र को लिखे इस पत्र में सुझाव भी दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि आवश्यकता हो, तो 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम' (RTE) में संशोधन किया जाए, ताकि पुराने शिक्षकों को इस प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
बता दें कि इससे पहले सुसनेर के पूर्व बीजेपी विधायक मुरलीधर पाटीदार भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस आदेश को निरस्त करने की मांग कर चुके हैं। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार जल्द ही इस बाबत कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो शिक्षक समाज उग्र आंदोलन करेंगा, जिसका वे भी समर्थन करेंगे।