
(पचमढ़ी से सादिक अली की रिपोर्ट)
Nagdwari Mela 2026-पचमढ़ी में दुर्गम पहाड़ी रास्तों और उफनती नदी को पार करना जोखिम भरा है, लेकिन नागद्वारी मेला-2026 में जाने वाले श्रद्धालुओं को उफनती नदी भी नहीं रोक पा रही है। भारी बारिश, उफनती नदियों और दुर्गम रास्तों के बावजूद लोगों के पांव थम नहीं रहे हैं। आलम यह है कि अमरनाथ यात्रा जैसी जोखिम भरी इस यात्रा में पहले ही दिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु नागद्वारी पहुंच गए थे। हालांकि प्रशासन बार-बार अलर्ट जारी कर रहा है और लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात है।
नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में नागद्वारी की यह यात्रा साल में एक बार ही होती है। इस यात्रा के दौरान कई लोगों की मौत भी हो जाती है। हर साल नागपंचमी से कुछ दिन पहले यह रूट दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। महाराष्ट्र समेत आसपास के कई राज्यों के लोगों के कुलदेवता माने जाने वाले इस स्थान पर पहुंचना भी आसान नहीं है। यहां पहुंचने के लिए घने जंगल, पहाड़ी रास्ते, लगातार बारिश और कई जगह नदी पार करना होता है। भारत की दुर्गम से दुर्गम धार्मिक यात्राओं में से एक नागद्वारी यात्रा को भी माना जाता है। इस बार भी उफनती नदी को लाखों लोग पार कर रहे हैं।
पचमढ़ी के जिस क्षेत्र से नागद्वारी की यात्रा चल रही है, उसी रास्ते में काजरी क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इस कारण काजरी नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है। इस बीच परमिटधारी जिप्सियों से यात्रियों को यह नदी पार कराई जा रही है, जिसके रोमांचकारी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जोखिम तो इतना है कि कोई यात्री बह भी सकता है, लेकिन प्रशासन हर मोर्चे पर सुरक्षा के लिए तैनात है। प्रशासन ने यहां के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
भीड़ बढ़ने से वहां कुछ समय के लिए अव्यवस्था भी देखी गई। रविवार को एक एंबुलेंस चालक ने शिकायत की कि वे जलगली मेला क्षेत् से पचमढ़ी लौट रहे थे। रविवार को देर रात करीब 20 श्रद्धालु जबरन एंबुलेंस में घुस गए। उस समय वो एंबुलेंस एक बीमार बच्ची को लेकर अस्पताल जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब परमिट वाले वाहनों की कमी के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहन का इंतजार कर रहे थे। उन्हें वाहन नहीं मिले तो वे एंबुलेंस में ही चढ़ गए। एंबुलेंस चालक ने स्वास्थ्य विभाग के साथ पचमढ़ी थाने में भी इस घटना की शिकायत की है।
पचमढ़ी में एक दिन में दो लाख श्रद्धालुओं को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में है। नर्मदापुरम जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर पूरे मार्ग पर प्रशासनिक अमला तैनात है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने भी मौके पर पहुंचकर प्रमुख मार्गों, भीड़ वाले इलाकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही का जायजा लिया। सुरक्षा के साथ ही आपदा प्रबंधन की टीमें भी तैनात हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, सहायता केंद्र, यातायात और स्वच्छता की भी व्यवस्था की गई है।
कंट्रोल रूम: 9424792105
परिक्षेत्र अधिकारी, पचमढ़ी पश्चिम: 9424792106
परिक्षेत्र अधिकारी, पचमढ़ी पूर्व: 9424792107