
UPI Charges Vegetable Vendors: यूपीआई के लिए बनाए गए नय नियम भले ही 15 अक्टूबर से लागू करने की तैयारी है लेकिन व्यापारियों में अभी से हलचल मचने लगी है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में छोटे- छोटे सब्जी दुकानदारों ने यूपीआई से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। फुटकर बाजार भी नकदी पर चलने लगा है। थोक से फुटकर तक डिजिटल व्यापार में रोजाना व्यापारी करोड़ों का कारोबार ऑनलाइन भुगतान के जरिए होता है।
खुल्ले पैसों की कमी को दूर करने के लिए छोटे- सब्जी दुकानदार भी यूपीआई के जरिए ही ग्राहक से लेनदेन कर रहे हैं। अचानक ही दुकानदार ग्राहकों से यूपीआई की जगह नकद राशि लेने लगे हैं। सब्जी बाजार में कई दुकानदारों ने अपने दुकानों से क्यूआर कोड ही हटा दिए हैं। गली मोहल्लों में फेरी लगाने वाले तक ग्राहक से नकदी रुपए देने की मांग कर रहे हैं। जागरूकता की कमी के कारण छोटे दुकानदार यूपीआई को लेकर बनाए नियमों को समझ नहीं पा रहे हैं। इस कारण यूपीआई के उपयोग को लेकर असमंजस में है। इस मामले को लेकर व्यापारी संघ भी प्रशासन को ज्ञापन देने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर व्यापारी महासंघों के सदस्यों के बीच बातचीत हो रही है।
थोक बाजार के अलावा रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुओं के किराना, सब्जी, मिष्टान बाजार में रोजाना करोड़ो रुपए का कारोबार किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के पेट्रोप पंपों पर ही प्रतिदिन 2 से 3 लाख रुपए का भुगतान ग्राहक यूपीआई पर करते हैं।
यूपीआई के लिए बनाए गए नए नियमों में छोटे दुकानवरों को परेशानी नहीं होगी। नियमों के मुताबिक 2 हजार रुपए तक यूपीआई भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। 2 हजार से ऊपर के भुगतान 0.4 प्रतिशत चार्ज लिया जाएगा। 75 हजार या उससे अधिक के भुगतान पर 300 रुपए प्रति ट्रॉजेक्शन चार्ज लिया जाएगा।
जागरूकता की कमी के कारण जाट चुकता की कमी के कारण हैं। नियमों को पढ़ना और समझना चाहिए। छोटे दुकानदरों में जागरूकता लाना जरूरी है।सीएस कुमार, लीड बैंक मैनेजर, सेंट्रल बैंक नर्मदापुरम
छोटे दुकानदार असमंजस में हैं। नियमों को समझने में दिक्कत हो रही है। इसे लेकर छोटे-बड़े व्यापारियों से चर्चा की जा रही है। जल्द ज्ञापन दिया जाएगा।-महेंद्र चौकसे, अध्यक्ष, व्यापारी महासंघ, नर्मदापुरम