MP News: निर्माण कार्य की अमानत राशि लौटाने के एवज में बाबू मांग रहा था 52 हजार रुपये रिश्वत, 38 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा।
MP News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला नरसिंहपुर जिले का है जहां नगर पालिका के रिश्वतखोर बाबू को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। लोकायुक्त की कार्रवाई से नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ही नहीं पूरे शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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नरसिंहपुर नगर पालिका में बुधवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पालिका के बाबू संजय तिवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई। बाबू संजय तिवारी के खिलाफ भीष्म नारायण नाम के व्यक्ति ने 1 अप्रैल को लोकायुक्त जबलपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में आवेदक ने बताया था कि निर्माण कार्य की अमानत राशि लौटाने के एवज में बाबू संजय तिवारी ने उससे 52 हजार की रिश्वत की मांग की थी, बाद में 38 हजार रुपये में बात तय हुई थी।
लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने आवेदक भीष्म सिंह की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को रिश्वत के 25 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर बाबू संजय तिवारी के पास भेजा। संजय तिवारी न जैसे ही आवेदक से रिश्वत के 25 हजार रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है।
कुछ घंटों पहले ही मंगलवार को इंदौर में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PWD के दो अफसर बालकुमार जैन, सहायक यंत्री/ प्रभारी कार्यपालन अधिकारी और धीरेन्द्र कुमार मीना उपयंत्री/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी को 90 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। रिश्वतखोर अधिकारियों ने ग्वालियर के रामनगर में रहने वाले फरियादी राघवेन्द्र सिंह गुर्जर से जो कि ओम एंटरप्राइज, डीडी नगर, गोले का मंदिर ग्वालियर में लायजनिंग मैनेजर का कार्य करता है से 17,00,000/ रू. का भुगतान करने के एवज में क्रमश: 60 और 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।