Patwari caught taking bribe- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पटवारी को अपने प्राइवेट ऑफिस में रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने गिरफ्तार किया है।
Lokayukta Action- मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त टीम रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला नरसिंहपुर जिले का है जहां पटवारी को अपने प्राइवेट ऑफिस में रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने ट्रैप कार्यवाही की है।
जबलपुर लोकायुक्त को संदीप कुमार पिता बलराम सिंह निवासी पड़रिया पोस्ट गजे तहसील गोटेगांव ने शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी मां ममता देवी ने गोटेगांव के मुआर गांव में 29 अप्रैल 2026 को 7 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन के नामांतरण के हल्का पटवारी घनश्याम गढ़वाल ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की मांग कर रहा था। इसकी शिकायत आवेदक ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर को किया।
शिकायत सत्यापन के बाद पटवारी ने शिकायतकर्ता से 5000 रुपए की रिश्वत राशि लेने के लिए तैयार हो गया। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को आरोपी घनश्याम गढ़वाल पटवारी हल्का नंबर 41 ग्राम मुरदई को शिकायतकर्ता से 5000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पटवारी घनश्याम गढ़वाल (39) पिता प्रेम शंकर गढ़वाल पिता प्रेम शंकर गढ़वाल कटनी जिले के तहसील बरही के अंतर्गत पंचमुखी हनुमान कॉलोनी का रहने वाला है। वहीं, शिकायतकर्ता और उनकी मां नरसिंहपुर के गोटेगांव तहसील के रहने वाले है।
लोकायुक्त की जबलपुर इकाई ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें।
बता दें कि, नरसिंहपुर जिले में लोकायुक्त ने 17 दिन पहले एसडीएम के स्टेनो (Steno) को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा था। आरोपी ने कॉलोनाइजर से कॉलोनी निर्माण का नक्शा प्रस्तावित करने के लिए एसडीएम तेंदूखेड़ा के स्टेनो सौरभ यादव के द्वारा उनसे 30000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।