राष्ट्रीय

Black Sea में 5 भारतीयों की मौत, विदेश मंत्रालय ने जहाजों पर काम करने वाले सभी इंडियंस को कर दिया आगाह

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन जंग के चलते ब्लैक सी इलाके में कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल-ड्रोन हमले बढ़ गए हैं। हाल में इन हमलों में पांच भारतीय नाविकों की जान चली गई।
2 min read
Jul 26, 2026
Black Sea
ब्लैक सी। फोटो- (The Washington Post)

रूस और यूक्रेन के बीच अभी भी जंग खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। इस जंग को लेकर ब्लैक सी वाले इलाके में अब कमर्शियल जहाजों पर खतरा बढ़ गया है। हाल के महीनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई जहाज प्रभावित हुए हैं। इस दौरान पांच भारतीय नाविकों की जान चली गई है।

इस दुखद घटना के बाद विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि जो लोग ब्लैक सी या आसपास के पानी में चलने वाले जहाजों पर काम करने की सोच रहे हैं, उन्हें अब दोबारा सोचना होगा। वहां सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। वहां जान को ज्यादा खतरा है।

हमला बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ी

अप्रैल 2026 से इस इलाके में हमलों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ड्रोन और मिसाइलों से जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। कई बार तो बिना किसी चेतावनी के हमले हो रहे हैं। इसमें कई जहाज क्षतिग्रस्त हुए और कुछ में आग भी लग गई।

विदेश मंत्रालय ने कहा- इस जंग की वजह से पूरा इलाका अस्थिर हो गया है। भारतीय नाविक जो इन जहाजों पर काम कर रहे हैं, उनके लिए रोजाना नई चुनौती खड़ी हो रही है। परिवार वाले भी रोज चिंता में रहते हैं।

MEA की सलाह क्या है?

विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारतीय नागरिकों को इस क्षेत्र में नौकरी पर जाने से पहले पूरी जानकारी लेनी चाहिए। सबसे पहले तो सुरक्षा इंतजामों की पुष्टि करें। क्या जहाज पर सही सुरक्षा उपकरण हैं? इमरजेंसी में क्या प्लान है? बीमा कवर कितना है? इन सबकी जांच जरूरी है। मंत्रालय ने सलाह दी कि नौकरी के कागजात भी अच्छे से पढ़ लें। सैलरी, काम का समय और दूसरे नियमों को समझ लें।

परिवार से संपर्क बनाए रखें

MEA ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे अपने परिवार से नियमित संपर्क में रहें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत भारतीय दूतावास या हेल्पलाइन से जुड़ें। साथ ही, भारतीय अधिकारियों की जारी होने वाली सलाहों को भी लगातार फॉलो करें।

Updated on:
26 Jul 2026 01:05 pm
Published on:
26 Jul 2026 01:05 pm
Also Read
View All
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का संभाला कार्यभार, अधिकारियों के साथ की बैठक

NEET UG Paper Leak: छात्रों का आक्रोश, घिरती सरकार और बड़ा सियासी दांव: क्या धर्मेंद्र प्रधान की विदाई के पीछे है BJP की मास्टरस्ट्रैटेजी?

पेपर लीक पर संसद का गतिरोध खत्म, सरकार मानसून सत्र में आगे बढ़ा सकती है परिसीमन बिल का मुद्दा

Punjab Politics: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से AAP पर बढ़ा दबाव, पंजाब में दो मंत्रियों के इस्तीफे की मांग तेज

Kargil Vijay Diwas 2026: भारत के कितने सैनिक कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे? जानिए वॉर से जुड़े 10 सवालों के जवाब