
Notorious Indian Dacoits History: राजस्थान के अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को चंबल के खूंखार डकैत जगन गुर्जर की गला घोटकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैरक नंबर-2 में साथी बंदी विष्णु ने गमछे से गला घोटकर हत्या करना कबूल किया है। विष्णु भरतपुर के चर्चित कुलदप जघीना हत्याकांड का आरोपी है। जगन गुर्जर का आसपास के गांवों में डर इस कदर था कि करीब 10 साल तक लोगों ने अपनी बेटियों की शांदी नहीं की। इसके अलावा जगन गुर्जर ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी भी दी थी।
जगन ही नहीं और भी कई डकैत हुए है, जिनसे आम लोग ही नहीं नेता भी डरते थे। आइए जानते है उन डकैतों की कहानी…
पान सिंह तोमर मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत रहे। वे राष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन स्टीपलचेज़ धावक थे और कई बार राष्ट्रीय चैंपियन बने। सेना से रिटायर होने के बाद वह अपने गांव लौट आए। इसके बाद वे वह जमीनी विवाद के लेकर फंस गए।
इसके बाद वे डकैत बन गए और उन पर हत्या, लूट और पुलिस से कई मुठभेड़ों सहित अनेक गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप लगे। 1981 में तोमर की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई।
वीरप्पन दक्षिण भारत का सबसे कुख्यात डकैत था। वीरप्पन लंबे समय तक तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के जंगलों में छिपा रहा। वीरप्पन पर चंदन की तस्करी, हाथियों का शिकार और कई हत्याओं के आरोप थे। उसने अभिनेता राजकुमार का अपहरण कर लिया था। बताया जाता है कि वीरप्पन को पकड़ने के लिए सरकार ने करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए थे। 18 अक्टूबर 2004 को वीरप्पन की एनकाउंटर में मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में ददुआ डकैत का नाम का सालों तक खौफ रहा। बुंदेलखंड क्षेत्र में उसका काफी प्रभाव था। उस पर हत्या, रंगदारी, अपहरण और डकैती के अनेक मामले दर्ज थे। ददुआ ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए बंदूक उठाई थी। ददुआ का प्रभाव उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी काफी था। ददुआ की मौत भी पुलिस एनकाउंटर में हुई।
निर्भय गुर्जर का डर आम लोगों में नहीं नेताओं में भी था। निर्भय का आतंक यूपी, एमपी और राजस्थान तक फैला हुआ था। उस पर हत्या, अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। साल 2005 में एक पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि वह नाइट विजन दूरबीन बुलेट प्रूफ जैकेट पहनता था।
यूपी और एमपी में डकैत मान सिंह के नाम से लोग डरते थे। मान सिंह को चंबल का सबसे खतरनाक डकैत माना जाता था। हालांकि मान सिंह की एक खास बात यह थी कि वह अमीरों का धन लूटता था और गरीबों में बांट देता था। 1955 में भिंड जिले में हुए एनकाउंटर में उनकी मौत हो गई थी।