
8th Pay Commission Salary Hike: केंद्र सरकार देश में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तैयारी में जुटी है। 8वें वेतन आयोग ने बीते 10 जुलाई को कोलकाता में अपनी बैठक के साथ ही स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ बातचीत का एक और दौर पूरा कर लिया है। चर्चा के दौरान, कर्मचारी संघों, यूनियनों, संगठनों और अन्य हितधारकों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव, मांगें और चिंताएं रखीं।
हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर की घोषणा नहीं की है, और न ही अपनाए जाने वाली उस रेंज का संकेत दिया है। उम्मीद है कि आयोग वेतन, पेंशन, भत्ते और बहुप्रतीक्षित फिटमेंट फैक्टर पर अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में बातचीत जारी रखेगा। वहीं सरकारी कर्मचारी हर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
8वें वेतन आयोग से अपेक्षित सभी सिफारिशों में से फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर है। यह केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित मूल वेतन (बेसिक पे) की गणना करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मल्टीप्लायर है। चूंकि वेतन के कई घटक मूल वेतन से जुड़े होते हैं, इसलिए फिटमेंट फैक्टर में कोई भी बदलाव सीधे तौर पर टेक-होम सैलरी और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों को प्रभावित करता है।
8वें वेतन आयोग के लिए जिन अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा हो रही है, उनके आधार पर संशोधित बेसिक पे में काफी बड़ा अंतर आने की उम्मीद है। उदाहरण के तौर पर पे लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए, मौजूदा 18,000 रुपये की बेसिक पे 2.1 फिटमेंट फैक्टर के साथ बढ़कर 37,800 रुपये, 2.5 फिटमेंट फैक्टर के साथ 45,000 रुपये और 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर 54,000 रुपये हो सकती है।
इसी तरह, पे लेवल 10 के कर्मचारियों के लिए, मौजूदा 56,100 रुपये की बेसिक पे 2.1 फिटमेंट फैक्टर के तहत लगभग 1.18 लाख रुपये, 2.5 फिटमेंट फैक्टर के साथ 1.40 लाख रुपये और 3.0 फिटमेंट फैक्टर के तहत 1.68 लाख रुपये हो सकती है।
इस अनुमान से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि 8वें वेतन आयोग द्वारा सुझाया गया अंतिम फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संशोधित वेतन ढांचे पर कितना बड़ा असर डाल सकता है।