
Air India AI171 Crash: बीते वर्ष अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश की जांच रिपोर्ट अक्टूबर के पहले हफ्ते में सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी, और इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को तय की गई है। DGCA के अनुसार, विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू सहित कुल 242 लोग सवार थे। वहीं हादसे में दुर्घटनास्थल पर मौजूद 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की फाइनल ड्राफ्ट रिपोर्ट अक्टूबर के पहले हफ्ते में सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी जाएगी। सर्वोच्च अदालत ने इस मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि विमान के कलपुर्जों की विदेशी लैब में फोरेंसिक जांच और सिम्युलेटर टेस्ट पूरे कर लिए गए हैं। AAIB ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग (CVR) जैसे संवेदनशील सबूतों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
अहमदाबाद विमान हादसे की वजह फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी नहीं थी। यह जानकारी सरकार ने राज्यसभा में बुधवार को दी थी। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान निर्माता कंपनी के एडवांस टेस्ट में भी इस सिस्टम में किसी तरह की खामी सामने नहीं आई है।
हालांकि, पिछले साल जारी AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए थे। इससे दोनों इंजन बंद हो गए थे। पिछले साल 12 जून 2025 को लंदन जाने वाली AI-171 फ्लाइट मेघानीनगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर क्रैश हो गई थी। इस हादसे में 241 पैसेंजर और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। सिर्फ एक यात्री जिंदा बचा था। DGCA की सूचना के अनुसार, विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला।