राघव चड्ढा के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद ने भी पार्टी छोड़ दिया है, अब बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। जानिए कौन हैं ये सांसद?
AAP 7 Rajya Sabha MP Join BJP: आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने न सिर्फ अपने इस्तीफे का ऐलान किया, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा भी कर दी।
राघव चड्ढा ने दावा किया कि वह अकेले नहीं हैं। उनके साथ राज्यसभा के 7 सांसद भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि AAP के दो-तिहाई से अधिक सांसद इस फैसले के समर्थन में हैं और सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने भावुक होते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से दूर हो चुकी है। उन्होंने कहा, “मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।”
राघव चड्ढा ने जिन सांसदों के नाम गिनाए हैं उनकी लिस्ट नीचे दी जा रही है।
स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal): दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रह चुकीं स्वाति मालीवाल जनवरी 2024 में राज्यसभा पहुंचीं। पिछले साल उनका अरविंद केजरीवाल के साथ विवाद भी चर्चा में रहा।
अशोक कुमार मित्तल (Ashok Kumar Mittal): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर और हाल ही में राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाए गए मित्तल अब बीजेपी का रुख कर रहे हैं।
संदीप पाठक (Sandeep Pathak): AAP के राष्ट्रीय महासचिव और आईआईटी दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर रहे संदीप पाठक को पार्टी में अहम रणनीतिकार माना जाता था।
हरभजन सिंह (Harbhajan Singh): पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह 2022 में राजनीति में आए और पंजाब से राज्यसभा सांसद बने।
बलबीर सिंह सीचेवाल (Balbir Singh Seechewal): ‘इको बाबा’ के नाम से मशहूर सीचेवाल पर्यावरण संरक्षण के लिए जाने जाते हैं और पद्मश्री से सम्मानित हैं।
विक्रमजीत सिंह साहनी (Vikramjit Singh Sahney): समाजसेवी और शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय साहनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिल चुका है।
राजिंदर गुप्ता (Rajinder Gupta): पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल राजिंदर गुप्ता का नाम भी इस लिस्ट में सामने आया है।
राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 2/3 से अधिक इस फैसले के साथ हैं। उनके मुताबिक, सभी सांसदों ने डाक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अंदर लंबे समय से असंतोष चल रहा था। खासकर संदीप पाठक जैसे नेताओं को हाल के चुनावों के बाद साइडलाइन किए जाने की चर्चा भी रही।