Delhi bus gangrape case: दिल्ली में चलती स्लीपर बस में महिला से गैंगरेप मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। AAP ने घटना की जानकारी देर से सामने आने पर दिल्ली पुलिस और BJP पर सवाल उठाए हैं।
AAP attack on BJP: दिल्ली में एक बार फिर चलती बस में महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया है, जिसके बाद सियासत तेज हो गई है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता बीजेपी सरकार पर निशाना साध रही है। इस घटना को निर्भया कांड से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि साल 2012 में दिल्ली में चलती बस में 6 लोगों ने एक युवती के साथ गैंगरेप किया था, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और अब फिर राजधानी में चलती बस में दो लोगों ने मिलकर गैंगरेप किया है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं इस खबर के देर से बाहर आने रप भी सावल उठाए गए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमने निर्भया से कुछ नहीं सीखा। ये हादसा पूरे समाज के लिए कलंक है। आम आदमी पार्टी के नेता घटना सामने आने के बाद बीजेपी और दिल्ली प्रशासन पर लगातार सवाल उठा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी इसे दूसरा निर्भया कांड बताया।
आपको बता दें कि दिल्ली में यह घटना दो दिन पहले की है और दो दिन बाद पुलिस ने इस घटना की सूचना दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर पुलिस इस मामले को पहले छिपाना क्यों चाहती थी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि क्या पुलिस पहले पीड़िता पर दबाव बनाना चाहती थी या फिर आरोपियों को पकड़ने के बाद ही मामले को सामने लाना चाहती थी। उन्होंने बीजेपी सरकार और एलजी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी सरकार सिर्फ रील्स बनाने और अपनी छवि दिखाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात से दिक्कत नहीं है कि आप रील्स बनाते हैं, लेकिन आप अपनी पसंद का नैरेटिव दिखाते हैं। दिल्ली की जनता कोई दर्शक नहीं है, जिसे सिर्फ आपकी रील्स पसंद करें।
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि रानी बाग जैसे इलाके में एक बस करीब दो घंटे तक घूमती रहे और उसके अंदर महिला के साथ गैंगरेप होता रहे। उन्होंने कहा कि बाद में महिला को सड़क पर फेंक दिया गया और घटना की जानकारी भी देर से सामने आई। उन्होंने दिलिली पुलिस और पुलिस कमिश्नर से पूछा कि आखिर घटना को छिपाने की जरूरत क्यों पड़ी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।