
Abhijeet Dipke Delhi Police Lathicharge: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि दिल्ला पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को बर्बरता और क्रूरता से पीटा गया। साथ ही कहा कि नाबालिगों को भी नहीं छोड़ा, उन पर भी लाठियां बरसाई गई।
मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि कल दिल्ली पुलिस ने जिस तरह की बर्बरता दिखाई, उससे 12 साल की बच्चियों तक के सिर फोड़ दिए गए। यह सब पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा किया जा रहा था। पुलिस की वर्दी में गुंडे भरे हुए थे।
अभिजीत दीपके ने कहा कि एक लड़की आरएमएल अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसकी गर्दन पर लाठी मारी, जिसके बाद वह गिर गई और भगदड़ में घायल हो गई। अगर उसे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और नरेंद्र मोदी सरकार की होगी।
इस दौरान सीजेपी प्रमुख ने यह भी बताया कि यदि पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शन को रोकना था तो लाठीचार्ज की जगह वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर सकते थे। साथ ही उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज के बाद ही भगदड़ मची है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि 17-18 साल के बच्चे थे। हम एक महीने से शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे। कल पहली हिंसक कार्रवाई दिल्ली पुलिस की ओर से हुई। लाठीचार्ज के बाद ही भगदड़ मची।
अभिजीत दीपके ने सोमवार को हुई घटना को सुनियोजित बताया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा थी तो प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थर कैसे पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के आसपास पत्थरों से भरे ट्रक कहां से आए? जब हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही थी और हर रास्ते पर बैरिकेड लगे थे, तब इतने पत्थर वहां कैसे पहुंचे? इसका जवाब दिल्ली पुलिस को देना चाहिए।
दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों को लाठियां दी गईं और उन्हें पुलिस की वर्दी पहनाकर प्रदर्शनकारियों पर हमला कराया गया।
बता दें कि सोमवार को सीजेपी का संसद चलो मार्च हुआ था। इस मार्च को रोकने के लिए पहले जंतर-मंतर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी थी। वहीं बेकाबू भीड़ ने जब बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं संसद के करीब भी हालात बहुत तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों ने संसद के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की।
इसके बाद संसद के मेन गेट को बंद कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। संसद के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। बताया जा रहा है कि पुलिस की लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए है।