
CJP Protest: दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस से दोनों की लोकेशन और उनकी कानूनी स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। रत्ना सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को घंटों हिरासत में रखने के दौरान उसके परिवार, वकील या संबंधित लोगों को उसकी लोकेशन और कानूनी स्थिति की जानकारी से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि अभिजीत दीपके और नेहा बोरा कहां हैं।
AISA नेता ने भी सोशल मीडिया पर नेहा बोरा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि नेहा बोरा को पालम पुलिस स्टेशन से कहीं और ले जाया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से पूछा कि नेहा को कहां ले जाया जा रहा है और इसके पीछे क्या वजह है।उन्होंने कहा कि छात्रों को हिरासत में लेना और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि इसे अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था। इससे पहले उन्हें नोटिस जारी कर सेंट्रल पार्क नहीं आने की हिदायत दी गई थी। नोटिस में इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला दिया गया था। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस ने भी दीपके को नोटिस जारी किया था। इसमें उन्हें याद दिलाया गया था कि उन्हें पहले आशुतोष और सौरव के साथ शांति बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया था। इसके बाद नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों की हिरासत को लेकर अब पुलिस से उनकी लोकेशन और कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।