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‘हीरो बनने की कोशिश करेंगे तो क्या होगा?’, अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद भाजपा का एक और बड़ा बयान

Abhishek Banerjee attack: सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने पत्थर-अंडे फेंके, कमीज फट गई। दिलीप घोष बोले - जनता 15 साल से परेशान थी, गुस्सा कहीं न कहीं फूटना ही था।
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Updated: 31 May 2026, 9:21 AM IST
Attack on Abhishek Banerjee
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी। (फोटो- IANS)

पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने पश्चिम बंगाल की सियासत को फिर से गरमा दिया है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, वहीं भाजपा ने इसे जनता के लंबे समय से दबे गुस्से का नतीजा बताया है।

इस हमले को लेकर पश्चिम बंगाल के मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, वह गलत है। किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। लेकिन जनता पिछले 15 साल से तृणमूल कांग्रेस के रवैये से परेशान है। वह बहुत कुछ झेलते आई है।

'जनता का गुस्सा दिखना ही था'

दिलीप घोष ने कहा- टीएमसी राज में हर व्यक्ति को परेशान किया गया है। घोटालों, बेरोजगारी और सत्ता के दुरुपयोग की कहानियां आम हो गईं थीं। ऐसे में जनता का गुस्सा कहीं न कहीं दिखना ही था।

उन्होंने अभिषेक पर सवाल उठाते हुए पूछा- चुनाव नतीजों को देखकर आपको जनता का माहौल समझ जाना चाहिए था। फिर भी वहां हीरो बनने क्यों गए? 22 कारों के काफिले के साथ घूमने वाले व्यक्ति अगर ऐसा हीरो बनने की कोशिश करेंगे तो क्या होगा?

दिलीप ने आगे कहा कि जनता ने सब कुछ देखा है और वे बस एक मौके का इंतजार कर रहे थे। आप (अभिषेक बनर्जी) लोगों को ऐसे मौके क्यों दे रहे हैं?

कब और कैसे हुआ हमला?

30 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने हमला कर दिया। अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने सोनारपुर गए थे।

खास तौर पर एक टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के घर पहुंचे थे, जिनकी मौत कथित तौर पर चुनाव बाद हिंसा में हुई थी। जब वह वहां से निकल रहे थे, तो स्थानीय लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

कमीज फट गई, चश्मा टूट गया

भीड़ ने उनके ऊपर अंडे, पत्थर, ईंट, जूते-चप्पल फेंके। लोगों ने 'चोर-चोर' के नारे लगाए और उन्हें धक्का-मुक्की की। मारपीट इतनी तेज हुई कि अभिषेक की कमीज फट गई, चश्मा टूट गया और घड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।

उन्होंने खुद बताया कि एक ईंट आंख पर लगी, जिससे आंख नहीं खुल पा रही थी। पीठ, छाती, हाथ-पैर पर भी चोटें आईं। सुरक्षा में लगे जवान उन्हें क्रिकेट हेलमेट पहनाकर किसी तरह बाहर निकाल पाए।

Updated on:
31 May 2026, 9:21 AM IST
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