Supreme Court action सुप्रीम कोर्ट ने काफी विचार करने के बाद अदाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे पर एक छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। पूर्व जस्टिस एएम सप्रे इसकी अध्यक्षता करेंगे। बाकी पांच सदस्य देश के अपने अपने क्षेत्र के नामचीन व माहिर लोग हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अदाणी समूह के मालिक गौतम अदाणी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहाकि, Adani Group माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करता है। यह समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप लाएगा। सत्य की जीत होगी।
Adani-Hindenburg issue अदाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे की सच्चाई को जनता के सामने रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त ऐक्शन लिया है। निवेशकों की सुरक्षा के लिए Regulatory system से संबंधित मुद्दे से निपटने और अदाणी-हिंडनबर्ग केस में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। इस एक्सपर्ट कमेटी की अध्यक्षता रिटायर जस्टिस एएम सप्रे करेंगे। और उनका सहयोग अपने-अपने क्षेत्र के पांच दिग्गज इस कमेटी के सदस्य होंगे। इस छह सदस्यीय कमेटी में रिटायर जस्टिस एएम सप्रे के अतिरिक्त ओपी भट्ट, जस्टिस केपी देवदत्त, केवी कामत, एन नीलकेणी, सोमेशेखर सुंदरेशन हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि, सेबी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट और मार्केट वायलेशन समेत दोनों आरोपों पर पहले से जांच कर रही है। ऐसे में सेबी की जांच जारी रहेगी। और SEBI 2 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अदाणी समूह के मालिक गौतम अदाणी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहाकि, Adani Group माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करता है। यह समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप लाएगा। सत्य की जीत होगी।
अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद पर तीन सदस्यीय पीठ कर रही है सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद की जांच के लिए एक समिति के गठन पर सुनवाई करते हुए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस याचिका की सुनवाई भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने की है। इस पीठ ने अधिवक्ता विशाल तिवारी, एम.एल. शर्मा, कांग्रेस नेता जया ठाकुर, और अनामिका जायसवाल द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर आदेश दिया।
SEBI दो माह में सौंपे रिपोर्ट
SEBI को जांच का निर्देश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, क्या सेबी के नियमों की धारा 19 का उल्लंघन हुआ है? क्या स्टॉक की कीमतों में कोई हेरफेर हुआ है? सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को 2 महीने के भीतर जांच करने और स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को दो महीने में सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपने को कहा है।
सीलबंद लिफाफा लेने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
इससे पहले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने 17 फरवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने केंद्र की तरफ से विशेषज्ञों के नाम वाले सुझाव सीलबंद लिफाफे में लेने से इनकार कर दिया था। पीठ का तर्क था कि वह निवेशकों की सुरक्षा के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है।
सत्य की जीत होगी - गौतम अदाणी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अदाणी समूह के मालिक गौतम अदाणी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहाकि, Adani Group माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करता है। यह समयबद्ध तरीके से अंतिम रूप लाएगा। सत्य की जीत होगी।