
Aditya Sahu on Jharkhand student protest: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने झारखंड में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में राज्य सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधा है। रामगढ़ में BJP के राज्य पदाधिकारियों की बैठक के दौरान संगठन के भविष्य के कार्यक्रमों की योजना बनाने के साथ-साथ छात्रों के व्यापक आंदोलन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर छात्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को चुनौती दी।
BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र कई दिनों भूख हड़ताल पर हैं, फिर भी हेमंत सोरेन सरकार उनकी बुनियादी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में राज्य के युवाओं के हक की नौकरियां बड़े पैमाने पर बेची गई हैं। छात्र केवल इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो वह CBI जांच से क्यों डर रही है।
कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के मुद्दों को लेकर धरना दे रह थी और उछल-उछाल कर बोल रही थी, लेकिन झारखंड में छात्रों के दमन पर वह चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी टेलीफोन के माध्यम से छात्र आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश करने के बजाय जमीन पर उतरें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें जरा भी राजनीतिक नैतिकता है, तो उन्हें दिल्ली से रांची आना चाहिए, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मिलना चाहिए और मुख्यमंत्री पर CBI जांच का आदेश देने के लिए दबाव डालना चाहिए।
BJP अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में मौजूदा गठबंधन सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। यदि राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर CBI जांच के लिए सहमत नहीं होती है, तो कांग्रेस को सत्ता का सुख भोगना बंद कर देना चाहिए और तत्काल प्रभाव से सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए, कांग्रेस को सरकार के भ्रष्टाचार में भागीदार बनने के बजाय विरोध स्थल पर जाना चाहिए और युवाओं के साथ खड़ा होना चाहिए।