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Punjab Politics: सीएम भगवंत मान को ‘पंथ विरोधी’ घोषित करने के बाद बीजेपी ने की बड़ी मांग, बोले-‘पंथ से माफी मांगो’

Bhagwant Mann: अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'पंथ विरोधी' और 'गुरु द्रोही' घोषित किया। वीडियो विवाद और बेअदबी कानून को लेकर सियासत गरमा गई है। भगवंत मान ने आरोपों को साजिश बताया, जबकि अरविंद केजरीवाल ने उनका बचाव करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा। बीजेपी ने इस्तीफे की मांग की है।

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Jun 16, 2026
Bhagwant Mann update news
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (ANI)

CM Bhagwant Mann: पंजाब की राजनीति और सिख धार्मिक हलकों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें 'गुरु द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आम आदमी पार्टी भी खुलकर मुख्यमंत्री के समर्थन में उतर आई है। अमृतसर में आयोजित 'पांच सिंह साहिबान' की बैठक के बाद अकाल तख्त की ओर से यह घोषणा की गई। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने फसील से आदेश सुनाते हुए कहा कि एक आपत्तिजनक वीडियो के मामले में भगवंत मान के खिलाफ यह धार्मिक फैसला लिया गया है। साथ ही सिख समुदाय से अपील की गई कि वे मुख्यमंत्री से अपना संबंध समाप्त करें। इसके बाद से सियासी पारा बहुत गरम हो गया है। बीजेपी ने पंथ से माफी मांगने की मांग की है।

बुलाई गई बैठक


बैठक में कई सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य विषय धार्मिक बेअदबी से जुड़े मामलों और हाल ही में बनाए गए कानूनों को लेकर था। इसी दौरान अकाल तख्त ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 29 जून को पंजाब मंत्रिमंडल और राज्य के सभी सिख विधायकों को तलब किया है। इसमें पार्टी की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है, यानी किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े सिख विधायक इस बुलावे के दायरे में आएंगे।

बीजेपी ने की इस्तीफे की मांग


बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस्तीफे की मांग की गई है। बीजेपी नेता केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि अकाल ताकत से बड़ा कुछ भी नहीं है। इसलिए सीएम को इस आदेश को स्वीकार करना चाहिए और अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

आरोपों पर भगवंत मान ने क्या कहा?


दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाल तख्त के फैसले और आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि जिस वीडियो के आधार पर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। भगवंत मान ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून लाने के बाद से ही उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उनके मुताबिक, जो लोग पहले कठोर कानून की मांग कर रहे थे, वही अब इसका विरोध कर रहे हैं।

इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी भी मुख्यमंत्री के बचाव में सामने आई है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान की लोकप्रियता और उनके कामों से परेशान विरोधी अब झूठे आरोपों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

Updated on:
17 Jun 2026 12:21 am
Published on:
16 Jun 2026 11:50 pm