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अग्निपथ योजना: ‘भैरव बटालियन’ जैसी विशेष इकाइयों में ज्यादा संख्या में शामिल होंगे अग्निवीर! 4 साल बाद अग्निवीरों को क्या-क्या मिलेगा?

Agnipath Yojana Latest News: अग्निवीरों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। जानिए 4 साल बाद अग्निवीरों को क्या-क्या मिलेगा?
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Jul 06, 2026
agnipath yojana permanent employment opportunities may open up for agniveers
Photo- ANI

Agnipath Yojana Latest Update: देश की सबसे चर्चित सैन्य भर्ती योजनाओं में शामिल अग्निपथ योजना (Agnipath Yojana) को लेकर जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, योजना की शुरुआत से ही विपक्ष इसकी आलोचना करता रहा है, क्योंकि इस योजना के तहत जवानों की भर्ती केवल 4 सालों के लिए की जाती है। अब जब अग्निवीरों का पहला बैच इस साल अपना कार्यकाल पूरा करने वाला है, तो तीनों सेनाओं में स्थायी नियुक्ति (रिटेंशन) की संख्या बढ़ाने पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

सूत्रों के हवाल से बताया जा रहा है कि फिलहाल नियमों के अनुसार चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25 प्रतिशत को ही नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।

रिटेंशन बढ़ाने की तैयारी, नौसेना दे सकती है सबसे बड़ा प्रस्ताव

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना करीब 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी रूप से रखने का प्रस्ताव दे सकती है। वहीं, आर्मी और वायुसेना भी मौजूदा 25 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर लगभग 50 प्रतिशत करने की मांग कर सकती हैं। हालांकि, अभी तक आधिकारिक नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और रिटेंशन की सीमा 25 प्रतिशत ही बनी हुई है।

4 साल बाद कैसे होगा नियमित सेवा के लिए चयन?

अग्निपथ योजना के तहत सभी अग्निवीर पहले 4 साल की सेवा पूरी करेंगे। इसके बाद उन्हें सेवा से मुक्त किया जाएगा। जो अग्निवीर आगे भी सेना में सेवा देना चाहेंगे, उनका चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

रिटेंशन बढ़ाने की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है?

सूत्रों के हवाले से खबर है कि पिछले 4 सालों के दौरान अग्निवीरों ने कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां निभाई हैं। इस दौरान उन्होंने आधुनिक हथियारों, नई तकनीकों और सैन्य प्रणालियों पर काम करने का अनुभव हासिल किया है। ऐसे में सेनाओं का मानना है कि प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रखने से उनकी संचालन क्षमता और दक्षता दोनों मजबूत होंगी। हालांकि रिटेंशन बढ़ाने के मुद्दे पर अभी तीनों सेनाओं के बीच अंतिम स्तर की चर्चा होनी बाकी है।

'भैरव बटालियन' जैसी विशेष इकाइयों में बढ़ सकती है भूमिका

सूत्रों के अनुसार, सेना की नई बनाई जा रही 'भैरव बटालियन' जैसी विशेष इकाइयों में नियमित किए गए और अनुभवी अग्निवीरों की संख्या सामान्य इन्फैंट्री बटालियनों की तुलना में ज्यादा रखी जा सकती है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव सैन्य मामलों के विभाग को भेजा गया था, लेकिन उसे पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया गया था।

4 साल बाद अग्निवीरों को क्या-क्या मिलेगा?

सेवा निधि पैकेज

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं होंगे, उन्हें सरकार की ओर से सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। इसमें अग्निवीर के वेतन से जमा राशि, सरकार का समान योगदान और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होगा। यह पूरी राशि आयकर मुक्त होगी।

स्किल और अनुभव प्रमाणपत्र

सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट और अनुभव प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा, ताकि उन्हें अन्य सरकारी या निजी नौकरियों में आवेदन करने में सुविधा मिल सके।

रोजगार और प्लेसमेंट सहायता

नियमित सेवा में चयन नहीं होने वाले अग्निवीरों को कैंपस प्लेसमेंट और रोजगार सहायता का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

CAPF और असम राइफल्स में आरक्षण

अग्निवीरों के लिए सीएपीएफ (CAPF) और असम राइफल्स की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

आयु सीमा में छूट

पहले बैच के अग्निवीरों को भर्ती में अधिकतम पांच साल की आयु छूट मिलेगी, जबकि बाद के बैचों के लिए यह छूट 3 वर्ष निर्धारित की गई है।

राज्य सरकारों की प्राथमिकता

कई राज्य सरकारों ने पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है।

सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर

विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी कंपनियों में भी अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

उच्च शिक्षा और ब्रिज कोर्स

सेवा के दौरान अर्जित कौशल के आधार पर अग्निवीरों को ब्रिज कोर्स और उच्च शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं।

बीमा और आर्थिक सहायता

यदि सेवा के दौरान किसी अग्निवीर की ड्यूटी के समय मृत्यु होती है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार उसके परिवार को बीमा और अनुग्रह राशि का लाभ मिलेगा। वहीं, सेवा के दौरान दिव्यांग होने की स्थिति में भी नियमानुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाएगा।

चयन होने पर मिलेगी स्थायी नौकरी

जो अग्निवीर मेरिट के आधार पर चयनित होंगे, वे भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में नियमित सैनिक के रूप में अपनी सेवा जारी रख सकेंगे।

Updated on:
06 Jul 2026 02:24 pm
Published on:
06 Jul 2026 02:24 pm