
Agnipath scheme: (Photo: IANS)
नई दिल्ली। देश की तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तीनों सेनाओं में अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति बढ़ाने पर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल नियम के मुताबिक चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25 प्रतिशत को ही नियमित सैनिक के रूप में रखा जा सकता है। गौरतलब है कि साल 2023 की शुरुआत में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हुई थी। ये शुरुआती बैच इसी साल (2026 में) अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना इस योजना के तहत शामिल हुए नाविकों (सैलर्स) को सबसे ज्यादा करीब 75 फीसदी तक रिटेन करने की मांग कर सकती है। थल सेना और वायुसेना मौजूदा सीमा को 25 फीसदी से बढ़ाकर करीब 50 फीसदी करने के पक्ष में हैं। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर रिटेंशन की सीमा 25 प्रतिशत ही है।
रिपोर्ट में बताया कि सैन्य अधिकारियों का मानना है कि पिछले चार वर्षों में ये जवान कई ऑपरेशन्स में शामिल चुके है और नई तकनीकों व आधुनिक हथियारों को अच्छी तरह से समझ चुके हैं और इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
थल सेना में पिछले ट्रेनिंग वर्ष के दौरान करीब 70 हजार अग्निवीर ट्रेनिंग ले रहे थे। वहीं, अगले ट्रेनिंग वर्ष में सेना में लगभग 90 हजार वैकेंसी जारी करने की योजना है, ताकि अग्निवीरों की भर्ती को तेजी से बढ़ाया जा सके। इसके जरिए सेना अपने बेड़े में मौजूद करीब 1.8 लाख जवानों की कमी को अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अग्निवीरों के कल्याण के लिए पिछले चार वर्षों में कई बैंकों के साथ विशेष समझौतों (MoUs) किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सेवा के दौरान मिलने वाले भत्ते और छुट्टियां भी पूरी तरह से नियमित सैनिकों के समान ही रखी गई हैं।
साल 2022 में आई अग्निपथ योजना के तहत सैन्य सेवाओं में भर्ती युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है। इसके जरिए चुने गए युवाओं को चार साल के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने का मौका मिलता है। चार साल की सेवा पूरी होने पर सभी अग्निवीरों को शुरुआत में सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। इसके बाद जो अग्निवीर स्वेच्छा से नियमित सैनिक के रूप में देश सेवा करना चाहेंगे, उनमें से योग्यता और मेरिट के आधार पर निर्धारित संख्या को दोबारा सेना में शामिल किया जाएगा।
Updated on:
06 Jul 2026 12:06 pm
Published on:
06 Jul 2026 12:05 pm
