
Air India Flight Turbulence: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को करीब चार से पांच मिनट तक तेज टर्बुलेंस (हवा के तेज झटकों) का सामना करना पड़ा। इस घटना में 17 लोग घायल हो गए। एयरबस A320neo विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे। वहीं, फ्लाइट में मौजूद यात्रियों ने एयर इंडिया के प्रबंधन और इमरजेंसी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
राम मोहन नायडू ने बताया कि उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा, "जब मैं अस्पताल में उनसे मिला तो उन्होंने बताया कि फ्लाइट में करीब चार से पांच मिनट तक तेज टर्बुलेंस रहा। इसी दौरान उन्हें विमान के अंदर गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।"
उन्होंने बताया कि कुछ क्रू सदस्यों को टेलबोन (रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से) और गर्दन के पास चोटें आई हैं। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। एयर इंडिया के अनुसार, घायल हुए 13 यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि क्रू के चार सदस्य अभी भी मेडिकल निगरानी में हैं।
मध्य दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि जैसे ही फ्लाइट दिल्ली पहुंची, एयरपोर्ट की मेडिकल टीम ने तुरंत घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
उन्होंने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने घटना की जांच शुरू कर दी है। विमान को लैंडिंग के तुरंत बाद अलग हैंगर में ले जाया गया, जबकि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) जांच के लिए DGCA के पास भेज दिए गए हैं। जांच के बाद घटना के कारणों का पता चलेगा।
टर्बुलेंस में घायल हुए यात्रियों और उनके परिजनों ने दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी तैयारियां पर्याप्त नहीं थीं। एक यात्री के परिवार ने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट पर कोई एम्बुलेंस स्टैंडबाय पर मौजूद नहीं थी, एयर इंडिया का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और मेडिकल सहायता के दौरान समन्वय की भी कमी देखने को मिली।
परिजनों ने इस घटना को अपने जीवन के सबसे डरावने अनुभवों में से एक बताया। उनका कहना था कि तेज टर्बुलेंस के दौरान कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर गिर पड़े। केबिन क्रू के साथ-साथ पायलट भी स्थिति की गंभीरता को लेकर तनाव में दिखाई दे रहे थे।