मरांडी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड में यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि नौकरियां बेचने का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती समेत कई परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार, सिर्फ 14वीं जेपीएससी परीक्षा ही नहीं, बल्कि पिछले छह वर्षों में आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।