
छात्रों ने बारिश में निकाली तिरंगा यात्रा (फोटो- ANI)
JPSC-JSSC Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के खिलाफ राजधानी रांची में छात्रों का बड़ा विरोध प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के 12वें दिन भारी बारिश के बीच हजारों उम्मीदवारों ने 500 मीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुई इस यात्रा में प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की।
तिरंगा यात्रा में शामिल उम्मीदवारों का गुस्सा और निराशा सड़कों पर साफ दिख रही थी। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि राज्य में परीक्षाओं की निष्पक्षता से समझौता किया गया है और योग्य युवाओं का भविष्य खतरे में है। मीडिया से बात करते हुए एक छात्रा ने कहा, "हम लोग झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ यह तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं ताकि वे अपने पद से इस्तीफा दें। राज्य में क्वेश्चन पेपर बेचना बंद होना चाहिए, सरकारी नौकरियां बेचना बंद होना चाहिए। इसीलिए हम सभी साथी सड़कों पर उतरे हैं।"
प्रशासनिक अधिकारीयों द्वारा बातचीत के लिए बुलाए जाने के बारे में पूछे जाने पर छात्रा ने कहा कि सरकार के साथ कोई भी बातचीत केवल मीडिया की मौजूदगी में ही होगी। बंद कमरे में या निजी बातचीत उन्हें मंजूर नहीं होगी।
छात्रों के इस आंदोलन को राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर विरोध स्थल पर उम्मीदवारों से मुलाकात की। विरोध कर रहे छात्रों से बात करने और उनकी मांगों वाला ज्ञापन लेने के बाद जाखड़ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इन मुद्दों को सरकार के सामने रखने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलेंगे। उन्होंने न सिर्फ झारखंड में, बल्कि पूरे देश में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की बात कही।
वहीँ, कांग्रेस महासचिव हरि ने कहा कि वे युवाओं के अधिकारों और शिक्षा में सुधार की वकालत करने वाले हर आंदोलन को नैतिक समर्थन देना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, "सरकार इस विरोध प्रदर्शन को लेकर गंभीर है। इसका सबूत यह है कि राहुल गांधी और उदय भानु चिब के निर्देश पर हम लगातार इन प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच मौजूद रहे हैं और उन्हें नैतिक समर्थन दे रहे हैं। सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी हो, हम शिक्षा में सुधार की वकालत करने वाले हर छात्र आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन देते हैं।"
गौरतलब है कि 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने साफ कहा है कि उनका शांतिपूर्ण विरोध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और पारदर्शी फैसला नहीं हो जाता।
Updated on:
05 Aug 2026 08:53 pm
Published on:
05 Aug 2026 08:52 pm
