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WFP ने अल नीनो को बताया बड़ा खतरा; बढ़ सकता है भुखमरी का संकट, 4 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा असर!

El Nino 2026: संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के प्रभाव से अगले वर्ष दुनिया में करीब 5 करोड़ अतिरिक्त लोग तीव्र खाद्य संकट (Acute Hunger) का सामना कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, सूखा, युद्ध और बढ़ती खाद्य कीमतें इस संकट को और गंभीर बना सकती हैं, जिससे 45 देशों में खाद्य सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
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भारत

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Harshul Mehra

Aug 05, 2026

el nino 2026

फाइल फोटो, सोर्स-ai

El Nino 2026: संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने अल नीनो को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी का कहना है कि यदि मौजूदा जलवायु परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो अगले साल दुनिया में करीब 5 करोड़ अतिरिक्त लोग तीव्र खाद्य संकट (Acute Hunger) का सामना कर सकते हैं। यह खतरा उन करोड़ों लोगों के अलावा है जो पहले से ही सूखे, संघर्ष और बढ़ती खाद्य कीमतों के कारण खाद्य असुरक्षा झेल रहे हैं।

45 देशों में बढ़ सकती है खाद्य असुरक्षा

WFP के अनुसार, मौजूदा अनुमान बताते हैं कि अल नीनो का प्रभाव 45 देशों में पहले से खाद्य संकट झेल रहे लगभग 22.5 करोड़ लोगों की स्थिति को और गंभीर बना सकता है। एजेंसी का आकलन है कि प्रभावित आबादी में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत और खाद्य सहायता की जरूरत बढ़ जाएगी।

इन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका

विश्लेषण के मुताबिक, मध्य और दक्षिण अमेरिका, कैरेबियाई क्षेत्र तथा दक्षिणी अफ्रीका सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। वहीं दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इसका सीधा असर खेती, सिंचाई व्यवस्था और किसानों की आय पर पड़ सकता है, जिससे खाद्यान्न उत्पादन भी प्रभावित होगा।

क्या है अल नीनो और क्यों बढ़ रही है चिंता?

अल नीनो प्रशांत महासागर में समय-समय पर विकसित होने वाली एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जो दुनिया के कई हिस्सों में वर्षा, तापमान और मौसम के पैटर्न को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार विकसित हो रहा अल नीनो पिछले कई दशकों की सबसे प्रभावशाली घटनाओं में से एक हो सकता है। हालांकि वैज्ञानिक "सुपर अल नीनो" शब्द का आधिकारिक इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन इसकी तीव्रता को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है।

जलवायु परिवर्तन से और गंभीर हो सकते हैं प्रभाव

वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण अल नीनो के प्रभाव पहले की तुलना में अधिक व्यापक और गंभीर हो सकते हैं। इसके चलते 2026 या 2027 में वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है।

राहत और तैयारी के लिए WFP की योजना

संभावित संकट को देखते हुए WFP ने शुरुआती चेतावनी प्रणाली और अग्रिम राहत कार्यक्रमों पर जोर दिया है। एजेंसी ने इन तैयारियों के लिए लगभग 8 करोड़ डॉलर की व्यवस्था की है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके और नुकसान को कम किया जा सके।

किसानों पर कई मौसमों तक रहेगा असर

विशेषज्ञों के अनुसार, अल नीनो का प्रभाव केवल एक फसल सीजन तक सीमित नहीं रहेगा। दक्षिणी अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में 2026-27 की खेती के बाद वास्तविक खाद्य संकट 2027-28 के 'लीन सीजन' के दौरान अधिक गहराने की आशंका है, जब पुराना खाद्यान्न समाप्त हो चुका होगा और नई फसल उपलब्ध नहीं होगी।

युद्ध और महंगाई भी बढ़ा रहे हैं संकट

WFP के अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का असर वैश्विक खाद्य बाजार पर भी पड़ रहा है। यदि बड़े कृषि निर्यातक देश खाद्यान्न निर्यात पर प्रतिबंध लगाते हैं, तो खाद्य कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और आयात पर निर्भर देशों पर पड़ेगा।

2015-16 के अल नीनो से भी मिला था बड़ा सबक

WFP के अनुसार, वर्ष 2015-16 के अल नीनो के दौरान दुनिया भर में 6 से 10 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा से प्रभावित हुए थे। इस बार एजेंसी का मानना है कि पहले से तैयार चेतावनी और राहत तंत्र के कारण कुछ हद तक नुकसान कम किया जा सकता है, हालांकि कई क्षेत्रों में संसाधनों और डेटा की कमी अब भी चुनौती बनी हुई है।

यूरोप और ब्रिटेन भी रहेंगे अछूते नहीं

रिपोर्ट में कहा गया है कि अल नीनो का असर केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं रहेगा। यूरोप और ब्रिटेन में भी अत्यधिक गर्मी और कम वर्षा के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनने की आशंका है।