
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ( Air Pollution in Delhi ) कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दमघोंटू हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाने के साथ बीमारियां भी बढ़ा दी हैं। यही वजह है कि सांसों पर गहराते संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) भी काफी सख्त है। गुरुवार को वायु प्रदूषण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने आयोग को इसके परमानेंट इलाज के लिए अहम आदेश दिया। दरअसल शीर्ष अदालत तमाम उपायों के बाद भी कोई फर्क ना होने के बाद अब इसको लेकर कोई स्थाई इलाज चाहती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है। गुरुवार को राजधानी में हवा की गुणवत्ता बेहद बिगड़ी हुई थी। इसके चलते कई इलाकों में धुंध देखने को मिली। वहीं वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली ( SAFAR ) के मुताबिक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक ( AQI ) फिर डराने वाला रहा। गुरुवार को एक्यूआई 337 दर्ज किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
सुप्रीम कोर्टः लंबे समय का निकले समाधान
बढ़ते वायु प्रदूषण से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से वायु प्रदूषण को रोकने के लिए लंबे समयवाले समाधान निकालने को कहा। शीर्ष अदालत ने आदेश देते हुए कहा कि इसको लेकर विशेषज्ञों और जनता से सुझाव मांगें और उनके आधार पर वायु प्रदूषण का परमानेंट इलाज करें।
फरवरी 2022 में होगी अगली सुनवाई
शीर्ष अदालत ने आयोग से सभी तरह के सुझावों का अध्ययन करने और इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन करने को भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट अब फरवरी 2022 में वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, उपकरण/मशीनरी का क्या करना चाहिए, हम इस बारे में सलाह देने वाले हर आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकते। यही नहीं उन्होंने उद्योगों पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर कहा कि इस पर फैसला केंद्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी आयोग ( CAQM ) लेगा।
बता दें कि बुधवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 'बेहद खराब' श्रेणी में ही था। बुधवार को दिल्ली में एक्यूआई 346 दर्ज किया गया था। जबकि गुरुवार को ये 337 रहा। जबकि मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 से 48 घंटे में वायु प्रदूषण में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि गुरुवार को बर्फीली हवाओं के बीच हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद शुक्रवार को हवा चलने से हवा में सुधार के आसार हैं।