विमान बारामती हवाई पट्टी पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, जब दूसरे प्रयास के दौरान क्रैश हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में खराब विजिबिलिटी, कोहरा और हवाई पट्टी पर एडवांस्ड नेविगेशनल एड्स की कमी को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजीत पवार की दुखद मौत ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया है। बुधवार सुबह बारामती हवाई अड्डे के पास उनके चार्टर्ड Learjet 45 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 66 वर्षीय नेता सहित कुल 6 लोगों की जान चली गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच तेज कर दी है, जबकि ब्लैक बॉक्स बरामद होने से अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
विमान बारामती हवाई पट्टी पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, जब दूसरे प्रयास के दौरान क्रैश हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स में खराब विजिबिलिटी, कोहरा और हवाई पट्टी पर एडवांस्ड नेविगेशनल एड्स (ILS, PAPI आदि) की कमी को मुख्य कारण बताया जा रहा है। विमान में अजीत पवार के अलावा दो पायलट, एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और एक फ्लाइट अटेंडेंट सवार थे। सभी की मौके पर मौत हो गई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय DGCA टीम और AAIB को घटनास्थल पर भेजा। AAIB महानिदेशक ने खुद मलबे का निरीक्षण किया। ब्लैक बॉक्स (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) बरामद कर लिया गया है। मंत्रालय ने कहा, “व्यापक, पारदर्शी और समयबद्ध जांच हमारी प्राथमिकता है।” जांच AAIB नियम 2025 के तहत SOPs के अनुसार चल रही है। फोकस इन पर है:
दिन की शुरुआत भावुक जुलूस से हुई। अजीत पवार का पार्थिव शरीर काटेवाड़ी आवास से विद्या प्रतिष्ठान मैदान ले जाया गया। हजारों समर्थक “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाते हुए सड़कों पर खड़े रहे। फूलों से सजे सैन्य वाहन में तिरंगे में लिपटा शरीर पहुंचा। सुबह 11 बजे पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी दी। देशभर के कई बड़े नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे, जो अजीत पवार के क्रॉस-पार्टी प्रभाव को दिखाता है।
चार दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति के स्तंभ रहे अजीत पवार ने सहकारी क्षेत्र, सिंचाई और ग्रामीण विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे – परथ और जय – हैं। परिवार अब उनकी विरासत को संभालने की चुनौती से जूझ रहा है। यह त्रासदी महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ गई है। जांच रिपोर्ट आने पर ही दुर्घटना के असली कारण स्पष्ट होंगे।