महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत हो गई, जिसमें 5 लोग मारे गए। इससे महायुति सरकार की स्थिरता पर सवाल उठे हैं, विशेषकर देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बने रहने को लेकर।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में जान चली गई है। उनके जाने के बाद सियासी गलियारों में यह सवाल उठने लगे हैं कि अब देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह पाएंगे या नहीं।
कुल मिलाकर मौजूदा महाराष्ट्र सरकार की स्थिरता को लेकर अटकलें तेज हो गईं हैं। इस बीच, हम महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बहुमत और अजित पवार के पास अभी कितने विधायक हैं, इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
दरअसल, महाराष्ट्र में साल 2024 में विधानसभा चुनाव हुए थे। इसमें महायुति (भाजपा + शिवसेना (शिंदे) + NCP (अजित पवार)) ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी।
भाजपा गठबंधन ने महाराष्ट्र में 288 में से 235 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसमें NCP (अजित पवार) के खाते में 41 सीटें आईं। वहीं, भाजपा को 132 और शिवसेना (शिंदे) को 57 सीटें मिलीं।
बता दें कि महाराष्ट्र में बहुमत के लिए 145 सीटों की आवश्यकता होती है। अगर अजित पवार की पार्टी अपना समर्थन वापस भी ले लेती है, तो फडणवीस सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा और शिवसेना (शिंदे) पार्टी मिलकर महाराष्ट्र सरकार को स्थिर रख सकती है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में जहां NCP (अजित पवार) ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, NCP (शरद पवार) इस चुनाव में मात्र 10 सीटें बटोरने में कामयाब रही।
शरद पवार फिलहाल विपक्ष का समर्थन कर रहे हैं। अगर दोनों पार्टी मिल जाएं तो एनसीपी के पास कुल 51 विधायक हो जाएंगे। जिससे पार्टी का महाराष्ट्र में बल और बढ़ जाएगा।
सियासी गलियारों में अब यह भी चर्चा है कि अजित के जाने के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा या बेटा पार्थ पार्टी की बागडोर संभाल सकते हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से अजित पवार का समर्थन करने वाले कुछ एनसीपी नेताओं को परेशानी हो सकती है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल एनसीपी के बड़े नेता माने जाते हैं। वह अजित के काफी करीबी भी रहे हैं। इसके अलावा, दिलीप पाटिल और हसन मुश्रीफ जैसे अजित के करीबी नेता सुनेत्रा या पार्थ के पार्टी प्रमुख बनने से असहमत हो सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वह शरद पवार को फिर से ज्वाइन कर सकते हैं।