महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां वे जिला पंचायत चुनाव प्रचार के लिए जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे। सुबह करीब 8:48 बजे लैंडिंग के दौरान उनका प्राइवेट विमान क्रैश हो गया।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत हो गई है। यह विमान हादसा बुधवार सुबह बारामती में हुआ। विमान रनवे के पास क्रैश-लैंड हुआ, जिससे उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल थे।
पवार मुंबई से बारामती जिला पंचायत चुनावों के लिए प्रचार करने जा रहे थे। सुबह करीब 8.48 बजे विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस विमान हादसे में जौनपुर की रहने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी जान चली गई है।
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली पिंकी के पिता शिव कुमार माली अपनी बेटी के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि आखिरी बार उनकी अपनी बेटी से मंगलवार शाम को बात हुई थी। उस दौरान पिंकी ने उन्हें बताया था कि वह अजीत पवार के साथ बारामती जा रही है और वहां से नांदेड़ जाएगी।
पिता ने बताया कि पिंकी सुबह जल्दी निकल गई थी। विमान हादसे के बारे में उन्हें तब पता चला जब अजीत पवार के विमान क्रैश की खबर टीवी पर आई। जब ब्रेकिंग न्यूज में उनकी बेटी का नाम आया, तो हमें एहसास हुआ कि हमने उसे खो दिया है।
इसके अलावा पिंकी के पिता ने अपने और बेटी के करियर को लेकर बड़ी बातें बताईं। उन्होंने बताया कि उनका सपना था कि उनकी बेटी फ्लाइट में क्रू मेंबर के तौर पर काम करे। लंबे समय बाद यह सपना साकार हुआ था। शिव माली ने कहा कि पिंकी बार-बार ऐसा कहती थी कि वह उनका सपना पूरा करेगी।
इंग्लिश मीडियम में हायर सेकेंडरी स्टडीज पूरा करने के बाद पिंकी ने अपने पिता के कहने पर मॉडलिंग के बजाय केबिन क्रू मेंबर के तौर पर करियर बनाने का फैसला किया। प्राइवेट जेट में शामिल होने से पहले पिंकी ने तीन साल तक एक घरेलू एयरलाइन के साथ काम किया था।
इसके अलावा, पिंकी के पिता ने अपने करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली हवाईअड्डे पर ड्राई क्लीनर थे। पीएम की सेवा में गलती पर उनकी नौकरी चली गई थी।
द इंडियन एक्सप्रेस ने पिंकी के पिता के हवाले से बताया कि 1989 में उन्होंने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्राई क्लीनर के तौर पर काम किया था। तब वी पी सिंह प्रधानमंत्री थे।
पिंकी के पिता ने बताया कि तत्कालीन पीएम वीपी सिंह को ले जा रहे एक विमान की सर्विसिंग करते समय गलती करने के बाद उनकी नौकरी चली गई थी।
उन्होंने कहा- मैंने अधिकारियों से मुझे एक और मौका देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने कहा कि कोई नरमी नहीं बरती जा सकती क्योंकि यह प्रधानमंत्री की फ्लाइट थी।
उधर, पिंकी की मौत के बाद उनकी दादी ने भी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को जौनपुर में पत्रकारों से बात करते हुए पिंकी माली की दादी ने बताया कि परिवार को सुबह करीब 9.30 बजे यह दुखद खबर मिली।
उन्होंने कहा कि यह खबर परिवार के लिए, खासकर पिंकी के माता-पिता के लिए बहुत बड़ा सदमा था, जो यह जानकर टूट गए कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही।
दादी ने अपनी भावनाओं को मुश्किल से रोकते हुए कहा- पिंकी के माता-पिता मौत की खबर मिलने के बाद रो रहे थे। वहीं, पिंकी की मौत के बारे में पता चलने के पल को याद करते हुए उनके चाचा चंद्रभूषण माली ने कहा कि यह खबर परिवार को सुबह थोड़ी देर से मिली।
चाचा ने बताया कि पिंकी दो महीने पहले ही जौनपुर आई थी और उसने अपनी जिंदगी और करियर के बारे में खुशी-खुशी बात की थी।
चंद्रभूषण ने पत्रकारों को बताया- घटना के बारे में पता चलने के बाद मैंने अपने भाई को फोन किया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। पिंकी 2 महीने पहले यहां आई थी। उसकी स्कूलिंग और सब कुछ मुंबई में हुआ था।