
अजित पवार और सुनेत्रा पवार। (फोटो- IANS)
देश में हवाई हादसों में बड़े और उभरते नेताओं की असमय मौत का सिलसिला रहा है। राजनीतिक उत्थान की ओर बढ़ते नेताओं की मौत से सियासत में बदलाव आए हैं। बारामती हादसे में एनसीपी प्रमुख अजित पवार के निधन के बाद उनकी सियासी विरासत पर नजर है।
अजित पवार ने अपने चाचा और मराठा दिग्गज शरद पवार से बगावत कर एनसीपी पर कब्जा किया था। शरद पवार से अलग होकर विधानसभा चुनाव में एनसीपी की सफलता और छठी बार डिप्टी सीएम बने अजित दादा रणनीतिक चतुराई, राजनीति में गठबंधन व निजी रिश्तों के हामी थे।
अजित की विरासत उनकी सांसद पत्नी सुनेत्रा पवार द्वारा संभाले जाने के कयास हैं। हाल ही नगर निगम चुनाव में पुणे व पिंपरी-चिंचवाड़ में एनडीए छोड़ अजित के शरद पवार की पार्टी के साथ चुनाव लड़ने पवार परिवार और एनसीपी की एकता की चर्चा फिर से शुरू हुई थी।
इसी बीच हादसे में अजित का निधन हो गया। दिलचस्प बात यह है कि उनकी पत्नी सुनेत्रा अजित की बहन और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के सामने बारामती के चुनावी मैदान में टिक नहीं पाईं हैं। सुप्रिया सुले से उन्हें लोकसभा चुनाव में हार का समाना करना पड़ा था। हारने के बाद वह राज्यसभा सांसद बनी हैं।
अजीत के पुत्र पार्थ भी चुनावी मैदान में अपना दम नहीं दिखा पाए हैं। वह भी लोकसभा चुनाव लड़कर हार चुके हैं और अब बिजनेस संभालते हैं। ऐसे में यह भी सवाल चर्चा में है कि क्या दोनों एनसीपी का अब विलय हो सकता है?
संजय गांधी (23 जून 1980)- इंदिरा गांधी के पुत्र, माना जाता था राजनीतिक उत्तराधिकारी। दिल्ली के पास हल्का विमान उड़ाते समय दुर्घटना में मौत। अग्रज राजीव गांधी राजनीति में आए, पीएम बने।
माधवराव सिंधिया (30 सितंबर 2001)- कांग्रेस के दिग्गज नेता, पीएम पद के दावेदार माने जाते थे, यूपी के मैनपुरी में विमान दुर्घटना में मौत। बेटे ज्योतिरादित्य ने राजनीतिक विरासत संभाली, अभी केंद्रीय मंत्री हैं।
जी.एम.सी. बालयोगी (3 मार्च 2002)- तेलगूदेसम पार्टी में राष्ट्रीय राजनीति के चेहरे थे, लोकसभा अध्यक्ष रहते आंध्र प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन। उनके पुत्र जीएम हरीश अभी सांसद।
ओम प्रकाश जिंदल (31 मार्च 2005)- हरियाणा के बिजली मंत्री रहे उद्योगपति ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री रहे सुरेंद्र सिंह का यूपी में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में निधन। पत्नी सावित्री विधायक हैं, पुत्र नवीन जिंदल सांसद रह चुके हैं।
वाई एस राजशेखर रेड्डी (2 सितंबर 2009)- कांग्रेस के सबसे जनाधार वाले नेताओं में से एक। आंध्र प्रदेश के दो बार सीएम रहे रेड्डी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हुई। उनके पुत्र जगनमोहन रेड्डी ने कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी वायएसआर कांग्रेस बनाई, सीएम बने। कांग्रेस वहां तीसरे नंबर पर।
दोरजी खांडू (30 अप्रैल 2011)- अरुणाचल के प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता और सीएम दोरजी खांडू का तवांग के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हुआ। उनके बड़े बेटे पेमा खांडू राज्य के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं और भाजपा में हैं।
Updated on:
29 Jan 2026 07:40 am
Published on:
29 Jan 2026 07:40 am
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