डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, “दोनों एनसीपी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी एक हो। अब दोनों एनसीपी साथ हैं। हमारे परिवार में सभी मतभेद खत्म हो चुके हैं।”
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों से पहले डिप्टी सीएम अजित पवार के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अजित पवार ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुट के कार्यकर्ता एक बार फिर से एकजुट होना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पवार परिवार के अंदर चल रहा तनाव अब लगभग समाप्त हो चुका है। अजित पवार के इस बयान के बाद बीजेपी की टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि फिलहाल अजित पवार राज्य में बीजेपी के साथ हैं।
एनडीटीवी से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, “दोनों एनसीपी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी एक हो। अब दोनों एनसीपी साथ हैं। हमारे परिवार में सभी मतभेद खत्म हो चुके हैं।”
बता दें कि गुरुवार को अजित पवार ने कहा था कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों के बाद एनसीपी के दोनों गुट स्थायी रूप से एक साथ आ सकते हैं।
डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में एनसीपी के दोनों गुट मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इस फैसले का पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है।
उन्होंने कहा, “दोनों गुटों के कार्यकर्ता खुश हैं कि हम इन शहरों में साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। यह अच्छी बात है। बड़े फैसलों पर बाद में चर्चा होगी; फिलहाल हमारा पूरा ध्यान चुनावों पर है।”
बता दें कि 2023 में एनसीपी में बड़ा विभाजन हुआ था, जब अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर कई वरिष्ठ नेताओं के साथ एनडीए में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह हासिल किया और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने।
वहीं अब राजनीतिक गलियारों में अजित पवार के इन बयानों को एनसीपी के साथ जाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है।