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जहां पहुंचना भी मुश्किल था, वहां खड़ी हुई BSF की G-7 चौकी, भारत-पाक सीमा पर 175 करोड़ का सुरक्षा कवच

भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा को बड़ी मजबूती, Amit Shah ने भुज में 175 करोड़ रुपये की G-7 बॉर्डर चौकी का उद्घाटन किया। हरामी नाला क्षेत्र में अब निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।

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May 29, 2026
गृह मंत्री अमित शाह (X-Photo)

Amit Shah Inaugurates G-7 Border Outpost: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में स्थित G-7 बॉर्डर आउटपोस्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संवेदनशील हरामी नाला क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा नेटवर्क तैयार करने के लिए कई बड़ी तकनीकी चुनौतियों को पार किया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य के गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहे। अमित शाह ने BSF जवानों से मुलाकात की और एक नीम का पौधा भी लगाया।

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175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 'यहां से कुछ किलोमीटर दूर, बनासकांठा में, एक केंद्र स्थापित किया गया था ताकि आम जनता को आप सभी द्वारा निभाए जाने वाले कर्तव्यों से अवगत कराया जा सके। इस केंद्र का निर्माण लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। आज G-7 और G-13 परियोजनाओं का लोकार्पण किया जा रहा है। जब मैंने देश के गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला, तो BSF के साथ अपनी पहली ही समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि 'हरामी नाला' सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील प्रतीत होता है।'

हरामी नाला में चुनौतियों के बीच बना सुरक्षा नेटवर्क

अमित शाह ने कहा कि 'हरामी नाला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था खड़ी करना आसान नहीं था। इलाके की भौगोलिक परिस्थितियां और तकनीकी समस्याएं बड़ी चुनौती थीं, लेकिन सरकार ने धीरे-धीरे मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार कर लिया। उन्होंने कहा, 'हम धीरे-धीरे इस पूरे क्षेत्र में एक मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने में कामयाब रहे हैं। मुझे उन भारी तकनीकी चुनौतियों का पूरी तरह से अंदाजा है, जिन्हें पार करके ही ये टावर यहां खड़े किए जा सके हैं, जो अभी हमारे सामने मौजूद हैं।

सीमा चौकियों के आस-पास का पूरा इलाका जमीन के स्तर से लगभग 3.75 मीटर ऊपर उठाया गया है, लगातार तीन महीनों तक, मैंने खुद रोजाना के आधार पर काम की प्रगति पर नजर रखी, और यह सुनिश्चित किया कि सर्वेक्षण का काम किसी भी हाल में न रुके।

बंगाल सीमा पर भी बोले अमित शाह

संबोधन में गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में अधूरी सीमा बाड़बंदी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा में सबसे बड़ी कमजोरी यही थी। अमित शाह ने कहा 'हमारी सुरक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ी कमी बंगाल में सीमा पर बाड़बंदी का अधूरा होना था। कुछ ही दिन पहले बंगाल में BJP की सरकार बनी है, और एक ही हफ्ते के भीतर मुख्यमंत्री ने बाड़बंदी के लिए जरूरी सारी जमीन आवंटित करने का फैसला कर लिया है। इसके अलावा, उस जमीन को सौंपने की असल प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। जैसे ही बाड़बंदी का काम पूरा हो जाएगा, हम घुसपैठ की प्रक्रिया को काफी हद तक रोकने में कामयाब हो जाएंगे।

गुजरात दौरे में विकास परियोजनाओं पर भी जोर

अमित शाह दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान वे एक दर्जन से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने अहमदाबाद में न्यू वडाज सर्कल के पास स्थापित 18 फीट ऊंची 'भारत माता मूर्ति' का अनावरण भी किया था। इसके अलावा उन्होंने गांधीनगर जिले के कलोल और गांधीनगर विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। एक प्राथमिक विद्यालय का भी उद्घाटन किया गया।

2029 तक विकास कार्य पूरे होने का भरोसा

अमित शाह ने कहा कि पिछले 10 दिनों में उन्हें गांधीनगर जिले की दो विधानसभा सीटों में करीब 1200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने का अवसर मिला है। उन्होंने भरोसा जताया कि साल 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले कलोल और गांधीनगर के हर गांव में बगीचों और तालाबों के विकास का काम पूरा हो जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 साल पहले गुजरात में शुरू किया गया विकास मॉडल अब पूरे देश में फैल चुका है और गांधीनगर देश का सबसे विकसित लोकसभा क्षेत्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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Published on:
29 May 2026 07:14 pm
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